तुर्की ने सीरिया सरकार पर लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप | दुनिया | DW | 04.01.2017
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

तुर्की ने सीरिया सरकार पर लगाया सीजफायर तोड़ने का आरोप

तुर्की ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा है कि सीरियाई सरकार के बार बार संघर्षविराम के उल्लंघन के कारण शांति वार्ता खतरे में पड़ सकती है.

सीजफायर के बावजूद इस समय सीरियाई सरकार और सहयोगी सेनाओं ने दमिश्क के ठीक बाहर स्थित बरादा घाटी को भी विद्रोहियों से खाली कराने के लिये मोर्चा खोला है. दमिश्क में पानी की सप्लाई भी इसी घाटी वाले इलाके में स्थित झरने से होती है. 12 दिन पहले दमिश्क में पानी की सप्लाई कट गई थी, जब सरकार ने बरादा घाटी में सैनिक कार्रवाई शुरु की थी.

जनवरी के अंत में सीरिया में शांति बहाली के लिए वार्ता होनी है. तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लु ने बताया कि 23 जनवरी को कजाकिस्तान में शांति वार्ता से पहले भी उसकी तैयारी से जुड़ी कई बैठकें होनी हैं. इन बैठकों के लिए तुर्की में ही तुर्क और रूसी विशेषज्ञ बातचीत करेंगे.

सीजफायर के इस ताजा मसौदे पर 30 दिसंबर को हस्ताक्षर हुए थे. सीरियाई सरकार ने इस इलाके में युद्ध जारी रखने के आरोप पर कहा है कि सीजफायर के समझौते में यह इलाका शामिल नहीं था. विद्रोहियों ने भी सीरिया के दूसरे सरकारी कब्जे वाले इलाकों पर तोप के गोलों और छापेमार हमले जारी रखे हैं.

विद्रोहियों ने सरकार पर अपने कब्जे वाले इदलिब प्रांत में हवाई हमले करने का आरोप लगाया है. अलेप्पो से निकले ज्यादातर लोगों को इदलिब प्रांत में शरण ली हुई है. विद्रोही सेना का कहना है कि हवा से की जा रही मार में वे आम नागरिक भी चपेट में आ रहे हैं. 

तुर्की के विदेश मंत्री ने सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के प्रमुख सहयोगी और सीजफायर समझौते के गारंटर ईरान से अपील की है कि वे सीजफायर के इन उल्लंघनों पर नजर डालें. विरोधी खेमे का सदस्य तुर्की सीरियाई विपक्ष का समर्थन करता है.

यह सीजफायर कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना में डिप्लोमैटिक स्तर पर होने वाली पहली महत्वपूर्ण बैठक की तैयारी में किया गया. रूस, तुर्की और ईरान इस वार्ता की मध्यस्थता करने वाले हैं. तुर्की विदेश मंत्री ने बताया है कि उन्हें रूस की ओर से आश्वासन मिला है कि कुर्द सीरियन पार्टी (पीवाईडी) को अस्ताना वार्ता में शामिल नहीं किया जाएगा. तुर्की पीवाईडी को एक आतंकी गुट मानता है जबकि इसे अमेरिका का समर्थन मिला हुआ है. पीवाईडी को सीरिया में आईएस के खिलाफ लड़ने वाला सबसे प्रभावी गुट भी माना जाता है.

आरपी/ओएसजे (एपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री