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दुनिया

तुर्की का कुर्द विद्रोहियों पर हमला जारी

तुर्की ने इराक में प्रतिबंधित कुर्द पार्टी पीकेके के विद्रोही शिविरों पर लगातार दूसरी बार हवाई हमले किए हैं. मंगलवार को नाटो की बैठक में इस पर चर्चा होगी. जर्मन चांसलर ने कुर्दों के साथ शांति प्रक्रिया पर जोर दिया है.

सेना के मुताबिक तुर्की के चार एफ16 लड़ाकू विमानों ने उत्तरी इराक में कुर्द विद्रोहियों को निशाना बनाया. तुर्की ने यह हमला रविवार को दियारबकिर के निकट सेना के एक वाहन पर हमले के बाद किया. कुर्द लड़ाकों ने सेना के वाहन पर अंधाधुंध फायरिंग की. इस घटना में दो सैनिकों की मौत हो गयी और चार अन्य घायल हुए हैं. स्थानीय न्यूज एजेंसी के अनुसार इस हमले से संबंधित छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

इस बीच जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने रविवार को तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लु से इस सिलसिले में फोन पर बात की और कहा कि मुश्किल दौर में भी उन्हें कुर्दों के साथ शांति स्थापित करने की कोशिशें जारी रखनी चाहिए. मैर्केल के प्रवक्ता ने एक बयान जारी कर कहा कि चांसलर ने शांति प्रक्रिया पर जोर दिया है.

नाटो ने बुलायी आपात बैठक

वहीं तुर्की के अनुरोध पर इस्लामिक स्टेट और पीकेके पर हुए हमलों पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को नाटो ने आपात बैठक बुलायी है. नाटो में शामिल सभी 28 सहयोगी देशों के राजदूत विचार-विमर्श करने के लिए मिलेंगे. नाटो के महासचिव येंस स्टोल्टेनबेर्ग ने इस बारे में बयान जारी कर कहा, "तुर्की ने हाल के दिनों में हुए आतंकवादी हमले के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैठक का अनुरोध किया है और सभी सहयोगियों को इसके उपायों को लेकर सुझाव भी देने को कहा है. नाटो के सहयोगियों को घटना का बहुत बारीकी से समाधान निकालना होगा और तुर्की के साथ एकजुटता दिखानी होगी.“

इससे पहले रविवार को अमेरिका ने कुर्द संगठन पीकेके को आतंकवादी संगठन घोषित करते हुए तुर्की में हाल ही में किए गए उसके हमलों की कड़ी आलोचना भी की. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की केन्या यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने नैरोबी में एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की. व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में पीकेके को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के साथ इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अभियान तेज करने के संबंध में समझौता करने के लिए तुर्की की सराहना की गयी है. तुर्की में पीकेके पर प्रतिबंध लगा हुआ है.

सीरिया में भी हमले

इसके अलावा तुर्की ने साफ किया है कि उसका सीरिया में जमीनी कार्रवाई का कोई इरादा नहीं है लेकिन वह इस्लामिक स्टेट से लड़ रही अमेरिका सेना को हवाई मदद देने के लिए सहमत है. तुर्की के प्रधानमंत्री अहमत दावुतोग्लु ने एक बयान में कहा है, “आईएस के खिलाफ लड़ रही फ्री सीरियन आर्मी और अन्य लड़ाकों के लिए हवाई मदद बेहद महत्वपूर्ण है. हम जमीनी कार्रवाई के लिए सेना नहीं भेज रहे हैं और न ही भेजेंगे, लेकिन जो भी आईएस के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ देगा, हमें उसकी सुरक्षा का ध्यान रखना होगा.”

तुर्की लंबे समय से आईएस के खिलाफ लड़ाई में नाटो का साथ देने से इंकार करता रहा है. लेकिन पिछले हफ्ते उसने आईएस के आतंकवादियों के खिलाफ हवाई हमले करने के लिए अपने हवाई अड्डों के इस्तेमाल की मंजूरी दी. साथ ही सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले भी किए. इसके साथ ही तुर्की ने पत्र लिख कर संयुक्त राष्ट्र को सूचित किया कि उसने सीरिया में आईएस के खिलाफ स्वयं हवाई हमले करने शुरू कर दिए हैं क्योंकि “वहां की सरकार इस आतंकवादी संगठन का सामना करने में ना तो सक्षम है और ना ही उसमें इसके लिए इच्छाशक्ति है.“

आईबी/एमजे (रॉयटर्स, एएफपी)

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