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दुनिया

तीन गुनी हुई भारतीय सांसदों की पगार

मुद्रास्फीति के चलते भारत में महंगाई बेहद बढ़ गई है और बेचारे सांसदों की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने उनके भत्ते में 300 फीसदी बढ़ोत्तरी का फैसला लिया है.

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बढ़ गया वेतन

शुक्रवार को भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस विधेयक को पारित कर दिया, जिसमें सांसदों के मूल भत्ते को 16 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने का प्रावधान है. अब इस विधेयक को संसद के दोनों सदनों में भेजा जाएगा. पारित हो जाने के बाद सांसदों का भत्ता तीन गुने से अधिक हो जाएगा.

इसमें कोई शक नहीं कि सांसदों का 16 हजार रुपये का भत्ता आज के बाजार में अत्यंत कम था. इससे भारत के विभिन्न राजकीय अंगों, मसलन पुलिस सेवा में वेतन की संरचना के सिलसिले में कई बुनियादी सवाल उभरते हैं. मसलन यह भी कि वेतन संरचना के साथ भ्रष्टाचार का क्या संबंध है. दूसरी ओर, एकबारगी 300 फीसदी की वृद्धि की आलोचना भी बेमानी नहीं है. कई हलकों में यह भी पूछा जा रहा है कि अन्य क्षेत्रों की तरह क्या सांसदों के भत्ते में भी नियमित वृद्धि नहीं हो सकती है.

इस वृद्धि के लिए सरकार को 1 अरब 42 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा. बहरहाल, महंगाई भत्ता बढ़ाने और उनके लिए प्रति वर्ष मुफ़्त हवाई उड़ानों की संख्या 35 से बढ़ाकर 50 करने की मांगों को ठुकरा दिया गया है.

सांसदों के भत्ते के सवाल पर बने पैनेल ने सांसदों के कार्यालय संबंधी खर्चों के लिए भत्ते को 14 हजार रुपये से बढ़ाकर 44 हजार रुपये करने का सुझाव दिया था. सरकार ने फिलहाल इसे 20 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है.

मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों ने इस विधेयक पर आपत्ति जताई थी. लोकसभा में राष्ट्रीय जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी सहित विपक्ष के कुछ सदस्यों ने काफ़ी शोरगुल किया था. सिर्फ़ वामपंथी दल सांसदों के भत्ते में वृद्धि का विरोध कर रहे हैं.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: ए कुमार

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