1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

तालिबान ने किया आईसैफ़ अड्डे पर हमला

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान विद्रोहियों ने देश के युद्धग्रस्त दक्षिणी हिस्से में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा टुकड़ी आईसैफ़ के अड्डे पर हमला किया. पिछले दिनों सहबंध सैनिकों पर तालिबान के हमलों में तेज़ी आई है.

default

वाशिंग्टन पोस्ट का कहना है कि शनिवार को हुए हमले में दो विद्रोही मारे गए हैं और कई सैनिक घायल हो गए हैं. कंदहार शहर के निकट स्थित अड्डे पर, जहां 20 हज़ार लोग रहते हैं, विद्रोहियों ने रॉकेटों से हमला किया. विद्रोहियों ने रॉकेट हमलों के बीच उत्तर की ओर से अड्डे के भीतर घुसने की कोशिश भी की लेकिन सैनिकों ने उन्हें पीछे खदेड़ दिया. नाटो के नेतृत्व वाले आईसैफ़ ने विद्रोहियों के ख़िलाफ़ हेलिकॉप्टरों का भी उपयोग किया.

Britische Minister in Afghanistan

हेग और करज़ई

तालिबान के प्रवक्ता युसूफ़ अहमदी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को फ़ोन कर हमले की ज़िम्मेदारी ली और कहा कि हमले में आईसैफ़ का भारी नुकसान हुआ है, 13 सैनिक मारे गए हैं. विद्रोही अक्सर बढ़ाचढ़ाकर दावा करते हैं.

सुरक्षा हलकों में हमले को इस बात का संकेत माना जा रहा है कि तालिबान अमेरिका और साथी देशों के सैनिक दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं. हमला यह भी दिखाता है कि कंदहार में अपने ख़िलाफ़ चल रहे सैनिक अभियान के बावजूद तालिबान कमज़ोर नहीं हुआ हैं. हाल में हो रहे हमलों से पहले नाटो और तालिबान दोनों ने ही ग्रीष्मकालीन सैनिक अभियान शुरू करने की घोषणा की थी. तालिबान ने विदेशी राजनयिकों, अफ़ग़ान सांसदों और विदेशी सैनिकों पर हमाला बढ़ाने की धमकी दी थी.

मंगलवार को काबुल में एक आत्मघाती हमला हुआ था. बुधवार को विद्रोहियों ने अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका के सबसे बड़े सैनिक अड्डे पर हमला किया था. काबुल के उत्तर में स्थित बागराम में हुई लड़ाई में 16 विद्रोही और एक अमेरिकी असैनिक कर्मचारी मारा गया था.

शनिवार का हमला ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री विलियम हेग के अफ़ग़ानिस्तान दौरे के कुछ ही घंटों बाद हुआ. हेग ने रक्षा मंत्री लियाम फ़ोक्स के साथ अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई से मुलाक़ात की.

नाटो सैनिकों और तालिबान विद्रोहियों के बीच हुई दूसरी लड़ाईयों में शनिवार को 12 विद्रोहियों और 3 सैनिकों की जानें गईं. चूमे सरगर में सोवियत अतिक्रमण के समय की एक बारूदी सुरंग के विस्फ़ोट में पांच असैनिक नागरिक मारे गए.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: आभा मोंढे

संबंधित सामग्री