तालिबान की सरकार से बातचीत रुकी | दुनिया | DW | 17.02.2014
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दुनिया

तालिबान की सरकार से बातचीत रुकी

पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में उग्रवादियों ने 23 सैनिकों की हत्या कर दी, जिसके बाद तालिबान और सरकार की बातचीत सिर्फ एक दौर के बाद ही रुक गई. हत्याकांड से पाकिस्तानी सेना बौखलाहट में है.

सेना की कई टुकड़ियों को बड़े अभियान के लिए तैयार रहने को कहा गया है. ये सैनिक चार साल से अपहृत थे. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने अगवा किए गए सैनिकों की हत्या को बर्बर हत्याकांड करार दिया, "ऐसी घटनाएं शांति को बढ़ावा देने के इरादे से हो रही बातचीत पर निश्चित रूप से नकारात्मक असर डालती हैं."

पश्चिमोत्तर पाकिस्तान के मोहमंद जिले में काम करने वाले तहरीक ए तालिबान के एक धड़े ने रविवार रात हत्याकांड की जानकारी दी. उग्रवादियों ने बताया कि जून 2010 में अगवा किए गए 23 अर्धसैनिक फ्रंटियर कॉर्प्स के जवानों को मार दिया गया है. पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक उग्रवादियों ने हत्याकांड से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है. वीडियो में दो हथियारबंद हत्याकांड की जानकारी दे रहे हैं.

वहीं तालिबान के प्रवक्ता शाहिदुल्लाह शाहिद ने हत्याकांड की पुष्टि करने से इनकार किया, पर ये भी कहा कि "कराची और नौशेरा में हमारे 23 लड़ाकों की हत्या का ये बदला हो सकता है."

Treffen Hamid Karzai mit Nawaz Sharif Premierminister Pakistan

तालिबान से परेशान पाकिस्तान, अफगानिस्तान

प्रधानमंत्री शरीफ पहले ही कह चुके हैं कि पाकिस्तान "खून बहना" बर्दाश्त नहीं कर सकता. बीते सात साल में देश में उग्रवाद ने 7,000 लोगों की जान ली है. पिछले गुरुवार को भी पाकिस्तानी तालिबान ने पुलिस की बस को निशाना बनाया. बम हमले में 13 पुलिसकर्मी मारे गए और 58 घायल हुए.

बीते महीने, 29 जनवरी को शरीफ ने पाकिस्तानी तालिबान के साथ बातचीत का एलान किया. उन्होंने कहा कि "शांति को एक मौका और" दिया जाना चाहिए. लेकिन 23 जवानों की हत्या के बाद शांति वार्ता की संभावना बंद होती दिख रही है. सोमवार को दोनों पक्षों के बीच तय बातचीत टाल दी गई. बातचीत में शामिल सरकार के मध्यस्थ इरफान सिद्दीकी ने कहा, "यह दुख की बात है कि हम सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहे हैं." हत्याकांड के बाद उन्होंने बातचीत की कोशिश को फिजूल करार दिया.

द डॉन ने उच्च सूत्रों के हवाले से लिखा कि पाकिस्तानी सेना अब उत्तरी वजीरिस्तान में कड़ी कार्रवाई करने का मन बना चुकी है. सेना को बस सरकार की तरफ से हरी झंडी का इंतजार है. देश भर में फैली सेना के कई कमांडो टुकड़ियों को उत्तरी वजीरिस्तान में बड़े ऑपरेशन के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

ओएसजे/एजेए (एएफपी, डीपीए)

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