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विज्ञान

तस्वीर से चलेगा खींचने वाले का पता

एक नई तकनीक की मदद से तस्वीर या वीडियो देखकर पता लगाया जा सकेगा कि तस्वीर खींचने वाला कौन है. शर्त यह है कि उस इंसान के हाथों पहले ली गई कुछ तस्वीरें विशेषज्ञों के पास मौजूद हों.

जर्मन वेबसाइट हाइजे ऑनलाइन के मुताबिक येरूशलेम की हिब्रू यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे पता लगाया जा सकता है कि किसी तस्वीर को किसने खींचा है या वीडियो किसने बनाया है. तस्वीर किसी के कपड़ों पर लगे कैमरे से खींची गई हो, इंटरनेट के माध्यम से या फिर हाथ से पकड़े हुए कैमरे की मदद से, उसे खींचने वाले का पता लग सकता है. तस्वीर खींचने के दौरान तस्वीर खींचने वाला कुछ हद तक डगमगाता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक हर किसी का डगमगाना एक दूसरे से वैसे ही अलग होता है जैसे हर इंसान का फिंगरप्रिंट एक दूसरे से अलग होता है.

तस्वीर उतारने वाले का डगमगाना इस बात पर भी निर्भर करता है कि फोटो लेते समय वह कैसे हिलता डुलता है या कैसे चलता है. रिसर्चर इस शोध के दौरान 12 सेकेंड के फर्स्ट पर्सन पर्सपेक्टिव वीडियो के आधार पर 34 में से 88 फीसदी तस्वीरों के खींचने वालों को पहचानने में कामयाब रहे. हालांकि यह तरीका सिर्फ तभी काम करता है जब विशेषज्ञों के पास उस व्यक्ति के हाथों लिए गए कुछ पहले के वीडियो इमेज मौजूद हों. यह तुलना के लिए जरूरी है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि उनका मकसद यह स्पष्ट करना था कि अगर किसी वीडियो के साथ उसे बनाने वाले की जानकारी मौजूद न हो तो इसका मतलब यह नहीं कि वीडियो पर ऐसी जानकारियां मौजूद नहीं है जिनका पता नहीं लगाया जा सकता है.

एसएफ/एमजे (डीपीए)

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