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दुनिया

तरुण तेजपाल को अग्रिम जमानत नहीं

तहलका के संपादक तरुण तेजपाल को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल अंतरिम जमानत नहीं मिली है. इस बीच यौन उत्पीड़न का शिकार करने वाली युवती ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. इधर गोवा पुलिस पीड़ित का बयान दर्ज करने मुंबई पहुंच गई है.

दिल्ली हाईकोर्ट में जज सुनिता गुप्ता ने तरुण तेजपाल की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए कल की तारीख तय की और गोवा पुलिस के वकील से कहा है कि वह अपना जवाब दाखिल करे. गोवा पुलिस के वकील ने कहा है, "मैं आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों की गंभीरता की वजह से इसका विरोध कर रहा हूं." इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अभी आरोपी की तरफ से दायर याचिका की कॉपी नहीं मिली है.

राजनीतिक लड़ाई

वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी और गीता लूथरा तरुण तेजपाल की तरफ से कोर्ट में आए और कहा कि जब तक कोर्ट उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं करता, तब तक उन्हें संभावित गिरफ्तारी से सुरक्षा मिलनी चाहिए. जास्टिस गुप्ता ने उनकी यह मांग कह कर खारिज कर दी, "मेरे पास याचिका के साथ एफआईआर की कॉपी भी नहीं है. पहले उन्हें जवाब दाखिल करने दीजिए फिर देखेंगे" इस पर तुलसी ने कहा, "यह राजनीतिक लड़ाई बन गई है. मैं अंतरिम सुरक्षा का अधिकारी हूं और यह अदालत में होता आया है."

तरुण तेजपाल के वकील का कहना है कि गोवा के मुख्यमंत्री इस मामले में राजनीतिक वजहों से गैरजरूरी तौर पर दिलचस्पी ले रहे हैं. तरुण तेजपाल ने हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दायर कि है ताकि, "कानून के मुताबिक राहत हासिल करने के लिए उचित अदालत तक जा सकें."

हल्का फुल्का मजाक

तरुण तेजपाल पर एक महिला पत्रकार ने गोवा के एक होटल में 7 और 8 नवंबर को यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. तेजपाल की तरफ से दायर याचिका में पहली घटना को "केवल हल्का फुल्का मजाक" बताया गया है. याचिका में कहा गाय है, "कथित मुलाकातों की प्रकृति को गोवा के हयात होटल के सीसीटीवी फुटेज से आसानी से समझाया जा सकता है जो गोवा पुलिस की पहुंच में है, लेकिन जांच एजेंसी उसकी पूरे तौर पर अनदेखी कर रही है."

याचिका में यह भी कहा गया है, "8 नवंबर की रात दोनों के बीच दोबारा मुलाकात हुई लेकिन इस बार भी यह कुछ सेकेंडों के लिए ही थी और इस बीच ऐसा कुछ नहीं हुआ जिसे संज्ञेय अपराध माना जाए." तेजपाल का कहना है कि महिला सहकर्मी, "पार्टी में शामिल हुईं और पूरे गोवा सफर के दौरान वह सामान्य और दोस्ताना रहीं." तरुण तेजपाल ने उनके खिलाफ शिकायत को, "प्रायोजित, झूठा और सोचा समझा बताया है." उन्होंने यह भी कहा है कि इसकी शिकायत 10 दिन बाद की गई है और आरोपों से इनकार किया है.

उर्वशी बुटालिया का इनकार

गोवा पुलिस की एक टीम मंगलवार सुबह पीड़ित युवती का बयान दर्ज करने के लिए मुंबई पहुंच गई है. यहां मजिस्ट्रेट के सामने शिकायत करने वाली युवती का आधिकारिक बयान दर्ज किया जाएगा. गोवा पुलिस की टीम इससे पहले दिल्ली भी गई थी जहां उसने पत्रिका की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी और तीन कर्मचारियों से पूछताछ की. शिकायत करने वाली युवती ने इन तीनों कर्मचारियों को पूरे मामले से बावस्ता रखा है.

इस बीच शिकायत करने वाली युवती ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने इस महिला के हवाले से लिखा है कि इस्तीफा देने की वजह यह है कि कर्मचारी होने के कारण "उस पर किसी तरह का दबाव न रहे." मुंबई में रहने वाली महिला पत्रकार ने सार्वजनिक रूप से पत्रिका के संपादक तरुण तेजपाल से कहा है कि उसे धमकाना और परेशान करना बंद किया जाए.

तहलका ने इस मामले में आंतरिक जांच के लिए एक कमेटी बनाई है लेकिन जुबान बुक्स हाउस की निदेशक उर्वशी बुटालिया ने इस कमेटी का प्रमुख बनने से इनकार कर दिया है. उर्वशी बुटालिया ने कहा है कि अब इसकी कोई जरूरत नहीं क्योंकि पुलिस यौन उत्पीड़न मामले की तहकीकात कर रही है. तहलका ने कई लोगों को इस कमेटी में शामिल होने का अनुरोध किया है. इनमें शर्मिला टैगोर, प्रेम शंकर झा, जस्टिस लीला सेठ, उमा चक्रवर्ती, वृंदा ग्रोवर जैसे कुछ बड़े नाम शामिल हैं.

एनआर/ आईबी (पीटीआई)