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दुनिया

तमिलनाडु में राजपक्षे के कैलेंडर पर बवाल

तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक दलों के 170 से ज्यादा कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए हैं. ये लोग एक सैनिक स्कूल की ओर से बांटे गए उन कैलेंडरों का विरोध कर रहे थे जिनमें श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की फोटो छपी है.

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पुलिस ने बताया कि इन प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व पेरियार द्रविड़ कझगम (पीडीके) के महासचिव के रामाकृष्णा कर रहे थे. उनकी मांग है कि अमरावती के इस स्कूल को इस तरह के केलैंडर वापस लेने चाहिए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के कारण ही लिट्टे के खिलाफ युद्ध में निर्दोष तामिल नागरिक मारे गए.

इलाके में भारी पैमाने पर पुलिस बलों को तैनात किया गया है. पीडीके ने हफ्ते भर पहले ही घोषणा की थी कि अगर रक्षा मंत्रालय की तरफ से चलाए जा रहे इस स्कूल ने ये कैलेंडर बांटने बंद नहीं किए तो उसके खिलाफ मुहिम छेड़ी जाएगी. पीडीके की इस मुहिम को एमडीएमके, पीएमके, विधुथालाई चिरुथैगल काची, नाम तमिझयार इयाक्कम और आदिम तमिलार पेरेवी जैसे संगठनों ने भी समर्थन दिया.

इस मुहिम को देखते हुए स्कूल के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. श्रीलंका की सेना ने 2009 में निर्णायक सैन्य कार्रवाई में तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई का खात्मा कर दिया. श्रीलंकाई सेना पर इस लड़ाई में बहुत से आम तमिल लोगों को मारने के भी आरोप लगते रहे हैं. तमिलनाडु में श्रीलंका के अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के लिए काफी सहानुभूति पाई जाती है.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः वी कुमार

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