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विज्ञान

तमिलनाडु में डायबिटीज के 42 लाख मरीज

भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में 42 लाख लोग मधुमेह यानी डायबिटीज के शिकार हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक हर 100 में 10 व्यक्तियों में इस बीमारी के लक्षण मिले हैं.

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आईसीएमआर की तरफ से कराए जा रहे राष्ट्रव्यापी अध्ययन का कहना है कि तमिलनाडु में 9.8 प्रतिशत लोग शुगर की बीमारी से पीड़ित हैं. आईसीएमआर की सहायक महानिदेशक डॉ. तनवीर कौर ने बताया कि इस अध्ययन का पहला चरण तमिलनाडु में पूरा हो चुका है. दूसरे चरण में उत्तर भारत के राज्यों का अध्ययन किया जाएगा. बाकी राज्यों का नंबर उससे अगले चरण में आएगा.

आईसीएमआर की इस रिसर्च में मद्रास डायबिटिक्स रिसर्च फाउंडेशन (एमडीआरएफ) की भी मदद ली गई. इसके तहत राज्य भर में सर्वे कराए गए और टेस्ट किए गए. तमिलनाडु के शहरी इलाकों में 13.5 प्रतिशत जबकि ग्रामीण इलाकों में 6.9 प्रतिशत लोग इस बीमारी के शिकार बताए जाते हैं. राज्य में जिन लोगों में इस बीमारी के शुरुआती लक्षण पाए गए उनकी संख्या इस अध्ययन के मुताबिक 30 लाख के आसपास है.

एमआरडीएफ में आईसीएमआर सर्वे टीम के प्रमुख डॉ. एन अंजाना ने बताया, "कुल मिलाकर राज्य में 9.8 प्रतिशत लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं. तमिलनाडु की जनसंख्या के हिसाब से देखें तो इन लोगों की तादाद 42 लाख बैठती है." इस अध्ययन में 20 या उससे ज्यादा उम्र के 4000 लोगों (1,200 शहरी और 2,800 ग्रामीण) के नमूने लिए गए जिससे टाइप 2 डायबिटीज के फैलाव का पता लगाया गया.

दिलचस्प बात यह है कि 51.4 फीसदी संख्या के साथ महिलाएं ने इस मामले में पुरूषों को पीछे छोड़ दिया जिनमें 48.6 प्रतिशत लोगों को मधुमेह है. चार दशक बाद आईसीएमआर इस तरह का सर्वे कर रही है. इस तरह का पिछला अध्ययन 1971-72 में हुआ.

रिपोर्टः एजेंसियां/ ए कुमार

संपादनः एस गौड़

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