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खेल

'ढोंगी लेनेदेन' करने वाले भूपति की याचिका खारिज

टेनिस खिलाड़ी महेश भूपति को 28 लाख 50 हजार रुपये का टैक्स रिटर्न वापस नहीं मिलेगा. इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन सोमवार को कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया है. मामला पापा और बेटे के लेनदेन का.

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टेनिस के कोर्ट में कभी कभार जीतने वाले भूपति असली कोर्ट के पहले ही सेट में बाहर हो गए. कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में महेश भूपति ने दलील दी कि उन्होंने 28.5 लाख रुपये अपने पिता को लौटाए हैं. भूपति के मुताबिक उनके पिता ने ट्रेनिंग देकर उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया. इस ट्रेनिंग के बदले उन्होंने अपने पिता को 28.5 लाख रुपये चुकाए. लिहाजा इस रकम पर टैक्स में छूट मिलनी चाहिए.

चीफ जस्टिस एसएच कपाड़िया की बेंच ने भूपति की इस याचिका को खारिज कर दिया. इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने आयकर विभाग के निर्देश को सही ठहराते हुए भूपति को टैक्स में राहत देने से इनकार किया था. हाईकोर्ट ने टैक्स से बचने के लिए पिता और बेटे के इस चक्कर को 'ढोंग' करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के इस ऑब्जर्वेशन को हटाने से इनकार दिया.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महेश भूपति के लिए टैक्स गेम के सारे रास्ते बंद हो गए हैं. 1989-90 और 1993-94 में की गई ट्रेनिंग का खर्च अब उन्हें कभी वापस नहीं मिलेगा. अदालतें इस पूरे विवाद को बेटे और पिता को 'ढोंग' बता चुकी हैं, इससे शर्मिंदगी अलग हुई है.

रिपोर्ट: पीटीआई/ओ सिंह

संपादन: वी कुमार

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