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खेल

डोपिंग में भी फंसते पिस्टोरियस

अदालत में सुनवाई के दूसरे दिन भी ऑस्कर पिस्टोरियस इसी बात पर अड़े रहे कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को जानबूझ कर नहीं मारा. पिस्टोरियस पर कत्ल के आरोप तो हैं ही, साथ ही अब डोपिंग को ले कर विवाद भी छिड़ता दिख रहा है.

मामले की जांच कर रहे डिटेक्टिव हिल्टन बोथा ने अदालत को बताया कि गोलियां चलने से पहले एक पड़ोसी ने पिस्टोरियस के घर में लड़ाई झगड़े का शोर सुना. उन्होंने कहा कि 14 फरवरी की सुबह एक पड़ोसी ने लगातार चिल्लाने की आवाज सुनी, ऐसा लग रहा था जैसे वे लोग लड़ रहे हों. कुछ वक्त बाद गोलियां चलने की आवाज आई.

प्रिटोरिया की अदालत में मजिस्ट्रेट के सामने उन्होंने कहा, "हमारे पास एक गवाह का बयान है जिसने कहा है कि उसने गोली चलने की आवाज सुनी, वह भाग कर अपनी बालकनी में गया और उसने देखा कि (पिस्टोरियस के घर की) लाईट जल रही थी. फिर उसने एक औरत की दो तीन चीखें सुनीं और उसके बाद और गोलियां चलीं."

अगर यह गवाही अदालत में सच साबित हुई तो पिस्टोरियस नप जाएंगे. वह अब तक कहते आए हैं कि उन्हें लगा कि अंधेरे में घर में चोर घुसा, इसी वजह से उन्होंने गोलियां चलाईं.

दूसरा मामला भी खुला

बोथा ने इस बात का भी दावा किया है कि पुलिस को पिस्टोरियस के घर में टेस्टोस्टिरोन के इंजेक्शन मिले हैं. ये ऐसी दवाएं हैं जिन्हें लेने की इजाजत ओलंपिक समिति नहीं देती. बचाव पक्ष का दावा है कि ये हर्बल दवाएं हैं और इनका डोपिंग से कोई लेना देना नहीं है. पिस्टोरियस पिछले साल लंदन में दौड़ कर ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले दुनिया के पहले विकलांग खिलाड़ी बने. अदालत में इन दवाओं की बात आते ही ओलंपिक संघ में भी इस पर चर्चा शुरू हो गई है.

अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक कमेटी ने कहा है कि लंदन में हुए पैरालंपिक खेलों के दौरान पिस्टोरियस की दो बार जांच की गई थी, एक बार खेल शुरू होने से पहले और एक बार उसके दौरान. उनके दोनों ही टेस्ट नेगेटिव रहे. हालांकि 200 मीटर दौड़ में दूसरे और 100 मीटर में चौथे स्थान पर आने के बाद उनका कोई टेस्ट नहीं किया गया. ओलंपिक खेलों में हर पदक विजेता का दोबारा टेस्ट करने की परंपरा है, जबकि पैरालंपिक में ऐसा नहीं होता. अब इस बात पर सवाल उठ गए हैं कि क्या पिस्टोरियस ने दौड़ से पहले इन इंजेक्शनों को इस्तेमाल किया.

बयान पर सवाल

फिलहाल अदालत में ये इंजेक्शन बहस का मुद्दा नहीं हैं. पिस्टोरियस पर अपनी प्रेमिका रीवा स्टीनकैंप की हत्या करने का आरोप है. डिटेक्टिव बोथा अपनी जांच को लेकर काफी विश्वस्त लग रहे हैं. पिस्टोरियस कह रहे हैं कि उन्हें इस बात का शक हुआ कि कोई घुसपैठिया घर में घुस आया है, उन्होंने घबराहट में अपनी पिस्तौल उठाई और बाथरूम के दरवाजे पर गोलियां दागी. बोथा ने इसे खारिज करते हुए कहा,"मुझे पूरा यकीन है कि उसे पता था कि वह (रीवा स्टीनकैंप) बाथरूम में है और उसने दरवाजे पर चार राउंड चलाए."

साथ ही अभियोजन पक्ष ने पिस्टोरियस के उस बयान को भी गलत ठहराया है जिसमें कहा गया था कि वह बैसाखियों के सहारे उठ कर बाथरूम की तरफ गया. बोथा ने कहा कि जिस तरह से गोलियां चली हैं, उस से पता चलता है कि पिस्टोरियस ने अपने नकली पैर लगाए हुए थे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी चोर बाथरूम में जा कर क्यों छुपेगा. पिस्टोरियस ने जमानत के लिए अर्जी दी है.

आईबी/ओएसजे (रॉयटर्स, एएफपी)

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