डोपिंग में फंसते रूस स्टार खिलाड़ी | खेल | DW | 19.12.2012
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खेल

डोपिंग में फंसते रूस स्टार खिलाड़ी

दौड़ और तेज चाल के बीच मटकते हुए तेज चलना भी एक खेल है, इसे रेस वॉकिंग कहते हैं. ये बहुत मुश्किल नहीं है, लेकिन रूस के एक खिलाड़ी ने इसका मुकाबला जीतने के लिए भी लिए प्रतिबंधित दवाएं खा लीं, वह भी दो बार.

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एंटी डोपिंग रेगुलेशन ने पूर्व यूथ रेस वॉकिंग चैंपियन सेर्गेइ मोरोजोव पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है. रूसी एथलेटिक्स फाउंडेशन ने भी इसकी पुष्टि कर दी है. 24 साल के मोरोजोव ने 2005 में वर्ल्ड यूथ टाइटल जीता था. 10,000 मीटर रेस वॉक में वह सबसे आगे थे लेकिन खून के नमूनों की जांच से वह फंस गए. खून में असामान्य हिमोग्लोबिन पाया गया.

यह दूसरा मौका है जब मोरोजोव डोपिंग में फंसे हैं. पहली बार वह 2008 में फंसे. 2007 में यूरोपियन जूनियर टाइटल जीतने के बाद जब जांच हुई तो मोरोजोव पकड़े गए. उनके खून में ईपीओ तत्व के अंश मिले. उन पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया. प्रतिबंध की वजह से वह 2008 के बीजिंग ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सके लेकिन 2010 में फिर वापसी हुई. बीते साल वर्ल्ड चैंपियनशिप में 20,000 मीटर की रेस वॉकिंग में वह 12वें नंबर पर रहे. अचानक होने वाले डोप टेस्ट में इस बार फिर मोरोजोव फंस गए. इस साल रूस के कई एथेलीट डोप टेस्ट में पकड़े जा चुके हैं. शुक्रवार को ही रूसी एथेलिटिक्स संघ ने जूनियर रेस वॉकिंग विजेता तात्यंना माइयेवा पर दो साल की पांबदी लगाई. 2004 ओलंपिक की पदक विजेता ओल्गा कुजेनकोवा भी फंसती दिख रही हैं.

इस साल लंदन ओलंपिक्स में चक्का फेंक का रजत पदक जीतने वाले दार्या पिशखाल्नीकोवा और पूर्व भाला फेंक चैंपियन किरील इकोनिकोवा भी अंतरराष्ट्रीय एंटी डोपिंग एजेंसी के जरिए निलंबित हो चुके हैं.

ओएसजे/एनआर (रॉयटर्स)

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