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फीडबैक

डॉयचे वेले से सू ची की खास बातचीत

अंतरा, खोज जैसे कार्यक्रमों, वेबसाइट पर विभिन्न आलेखों पर पाठकों की प्रतिक्रियाओं के अलावा डॉयचे वेले से श्रोता अपनापन कैसे जाहिर करते हैं, एक नजर डालते हैं इन सब पर...

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अंतरा में म्यांमार की लोकतंत्र समर्थक नेता और नोबल पुरस्कार से सम्मानित सुश्री आंग सान सू ची के साथ ख़ास बातचीत सुनी,जो मुझे और मेरे क्लब सदस्यों को बहुत ही रोचक, सटीक और सामयिक लगी. सभी प्रश्न उचित और प्रासंगिक लगे. वास्तव में भारत और चीन को सू ची की बात सुननी चाहिए. इस बेबाक और सार्थक बातचीत के लिए टोमास बेर्टलाइन जी को कोटि कोटि धन्यवाद.
चुन्नीलाल कैवर्त, ग्रीन पीस डी-एक्स क्लब सोनपुरी, जिला बिलासपुर, (छत्तीसगढ़)
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तमिलनाडु में मधुमेह रोगियों की तदाद सचमुच भयावह है. शायद इसका एक कारण वहां की आबोहवा भी हो सकती है. ज्यादा नमी वाली जगह पर शरीर में शर्कर की मात्रा कम खपत होती है, और चावल वहां का मुख्य खाद्यान है. वह भी कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोस का अच्छा स्रोत है. वहीं देखिये राजस्थान में जहां शुष्क जलवायु है, अपेक्षाकृत मधुमेह के कम रोगी हैं क्योंकि गरम और शुष्क वातावरण अतिरिक्त शर्करा को सोख लेता है. गर्मियों में तो कई बार शक्कर की कमी को दूर करने के लिए चीनी के लड्डू खाने पड़ते है, फिर यहां "बाजरा" भोजन का मुख्य आधार है, जो इस बीमारी से बचाए रखता है.
माधव शर्मा, नागौर, राजस्थान
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कर्ण सिंह ने ठुकराया चीन का सम्मान डॉ. कर्ण सिंह ने पुरस्कार ना लेकर काफी सही और देश हित में ये काम किया है.चीन के प्रधानमंत्री की यात्रा का मैं सम्मान करता हूं लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि चीन हमेशा एक तीर और दो शिकार की नीति पर काम करता आया है जैसा कि हमें इतिहास से पता चलता है.
निर्मल सिंह राणा, इमेल से
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न्यूड योगा की पश्चिम में धूम भारतीय योगियों का मोक्ष मार्ग अब विदेशों में काफी प्रचलित हो गया है,

Yoga Frau Meditation

पर पश्चिमी देशों में इसके कई ऐसे रूप देखने को मिल रहे हैं जिनकी कल्पना तो किसी ने भी नहीं की होगी. उदाहरण वर्तमान में विश्व में न्यूड योगा का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है. कुल मिला कर कहा जा सकता है कि जब से योग ने भारत की सरहदें लांघी हैं तब से यह मर्यादा की सरहदें भी लांघ चुका है. अमेरिका में योग का योगा होते-होते अब योग और भोग का समन्वय होने लगा है अर्थात भोगवादी संस्कृति और योगवादी संस्कृति दोनों ही मिलकर विश्व में नया बाजार तलाश करने में जुट गई है. योग पर अब ग्लैमर के रंग के साथ ही सेक्स का रंग इसलिए चढ़ाया जाने लगा है कि योग के सारे आसन और प्राणायाम को एक प्रोडक्ट बनाकर बेचा जा सके. इसी के चलते न्यूड योगा, हॉट योगा और सेक्सी योगा आदि के नाम से जहां योगा क्लास संचालित हो रही है वहीं महंगे दामों पर इसके वीडियो भी बेचे जा रहे हैं.
अजीत शर्मा, ईमेल द्वारा
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हमारे एक श्रोता बिधान सान्याल, रेडियो मोस्को लिस्नर्स क्लब, दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल से ने कुछ पंक्तियां हमें लिख भेजी हैं

हर रात को चांद का सिंगार नहीं मिलता, हर बाग़ को फूल का दुलार नहीं मिलता,
हमने भी दुनिया देखी है यार. हर इंसान को डीडब्ल्यू जैसा लवली रेडियो केंद्र नहीं मिलता.

कुछ लोग दोस्तों को रुला देते हैं, दोस्ती कितनी बभी अनमोल हो भुला देते हैं,
दोस्ती निभाना हो तो गुलाबों से सीखो, जो खुद टूटकर दो दिलों को मिला देते हैं.

पानी ना हो तो नदियां किस काम की, आसूं ना हो तो आंखे किस काम की,
दिल ना हो तो धड़कन किस काम की, डीडब्ल्यू जैसा अपना ना हो तो जिंदगी किस काम की.

संकलनः विनोद चढ्डा
संपादनः आभा एम