1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

विज्ञान

डॉक्टर ने लिखा मरीज के जिगर पर नाम

ब्रिटेन के एक प्रतिष्ठित अस्पताल के एक अनुभवी डॉक्टर को सेवा से निलंबित कर दिया गया है. डॉक्टर पर आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उसने एक मरीज के जिगर पर अपना नाम लिख दिया.

आमतौर पर कलाकारों को अपनी कृति पर एक खास अंदाज में दस्तखत छोड़ने के लिए जाना जाता है. पेंटर हों, शिल्पकार या फिर कवि, सभी अपनी रचना पर अपना नाम दर्ज करने में काफी गर्व का अनुभव करते हैं. लेकिन क्या हो अगर आपकी नजर अपने शरीर के किसी अंग पर पड़े जिस पर किसी के हस्ताक्षर गुदे हों. अगर कोई डॉक्टर ऑपरेशन के दौरान अपनी छुरी को ही एक कलाकार का ब्रश और मरीज के शरीर को अपना कैनवास समझ ले, क्या तब भी ये गर्व का विषय रह जाएगा. ब्रिटेन के एक डॉक्टर को अब इसी सवाल का जवाब देना है.

अंगों की ब्रांडिंग

बर्मिंघम के क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में काम करने वाले सर्जन सिमोन ब्रैमहॉल पर उनके ही अस्पताल के एक साथी ने आरोप लगाया है कि ब्रैमहॉल ने एक मरीज के लिवर पर अपने नाम के शुरूआती अक्षर "एस बी" लिख दिए. मरीज जब अगली सर्जरी के लिए आया, तब इस डॉक्टर की नजर "एस बी" पर पड़ी. अस्पताल को चलाने वाले ट्रस्ट ने एक बयान जारी कर कहा है कि जब तक डॉक्टर पर लगे आरोपों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उसे निलंबित रखा जाएगा.

औजारों का गलत इस्तेमाल

लंदन के अखबार डेली मेल ने लिखा है कि ब्रैमहॉल ने मरीज के लिवर पर अपना नाम गोदने के लिए आर्गोन नाम की एक गैस वाले औजार का इस्तेमाल किया, जो कि विषैली नहीं होती. यह गैस रक्त कोशिकाओं के ऊपरी सिरे को जला कर किसी अंग से खून का बहना रोक सकती है. इसके साथ साथ यह मानव अंगों में एक इंच तक गहरा चीरा लगा सकती है.

कैसे करें डॉक्टरों पर भरोसा

जानकारों का कहना है कि इस तरह के औजार से अंगों पर चीरा लगाकर लिखने से कोई गहरी चोट नहीं लगती. यह एक ऊपरी जख्म होता है जिससे मरीज को कोई नुकसान नहीं पहुंचता. मगर सवाल ये है कि क्या ऑपरेशन के समय अब मरीज को यह चिंता भी करनी होगी कि कहीं उसके अंगों पर किसी डॉक्टर ने अपनी कलाकारी के नमूने ना छोड़ दिए हों. यह भी संभव है कि आज भी हम में से कई लोग अपने शरीर में किसी डॉक्टर का ऑटोग्राफ लेकर घूम रहे हों.

आरआर/आईबी (एएफपी)

DW.COM