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दुनिया

डिजिटल इंडिया से लाखों रोजगार की उम्मीद

भारत इस समय डिजिटल इंडिया हफ्ता मना रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का मकसद देश को डिजिटल और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना है.

डिजिटल इंडिया अभियान में ई-गवर्नेंस, इलेक्ट्रानिक निर्माण, साइबर सुरक्षा और वित्तीय समावेशन, बेहतर दूरसंचार सुविधाओं और तीव्रगामी इंटरनेट पर ध्यान केन्द्रित किया गया है. अभियान का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं ऐसे डिजिटल भारत का सपना देखता हूं जहां हाई स्पीड डिजिटल हाइवे देश को एक करता है. इससे जुड़े 1.2 अरब लोग आविष्कारों को बढ़ावा दें, तकनीक इसकी गारंटी करेगा कि नागरिक और सरकार का संबंध भ्रष्ट नहीं होगा."

उद्योग जगत ने 4500 अरब रुपये के निवेश का वचन दिया है जिसपर अमल से 18 लाख नए रोजगार पैदा हो सकते हैं. इस मौके पर अलग अलग विभागों ने अपनी डिजिटल परियोजनाएं शुरू की हैं. पर्यावरण मंत्रालय ने बी श्रेणी की परियोजनाओं की पर्यावरण मंजूरी के लिए ऑनलाइन आवेदन देने के लिए एक वेब पोर्टल लांच किया तो देश के करीब ढाई लाख पंचायतों की मैपिंग के लिए एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया.

पर्यावरण मंत्रालय ने पिछले साल ए श्रेणी की परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया की शुरुआत की थी. मंत्रालय ने ज्यादा पारदर्शिता तथा तेज निष्पादन के अनुभवों के आधार पर अब कठोर पर्यावरण मानकों से समझौता किए बिना मंजूरी की ऑनलाइन प्रक्रिया राज्य स्तर पर भी शुरु की है. पूरे देश में शुरू किए गए इस पोर्टल में 19 राज्य भी शामिल हैं. पंचायतों की मैपिंग वाले ऐप की मदद से कोई भी नागरिक अपने गांव के स्कूल, अस्पताल, सड़क, तालाब या अन्य सार्वजनिक स्थलों की तस्वीरें खींचकर अपलोड कर सकता है. इन तस्वीरों के सहारे देश भर के पंचायतों की हालत का अंदाजा लगाकर भविष्य में विकास योजनाओं को लागू किया जा सकेगा.

मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान पर राजनीति भी हो रही है. असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने देश में सूचना तकनीक (आईटी) लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया है. गोगोई ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान लॉन्च कर भले ही प्रसिद्धि हासिल कर ली हो लेकिन इसका वास्तविक श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है."


उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी की डिजिटल इंडिया की अवधारणा कोई नई नहीं है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी इसकी शुरुआत काफी पहले कर चुके थे."

एक ओर भारत को डिजिटल बनाने की सरकारी पहलकदमियां हैं तो दूसरी ओर इस क्षेत्र की आर्थिक हकीकत है. ताजा आंकड़ों के अनुसार आईटी क्षेत्र की घरेलू कंपनियों का प्रदर्शन 31 मार्च को समाप्त तिमाही में पांच साल के निचले स्तर पर आ गया है और मुनाफे में 15.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी है. हालांकि बिक्री में थोड़ी तेजी है लेकिन वृद्धिदर लगातार घट रही है. आईटी कंपनियों का शुद्ध मुनाफा 15.6 प्रतिशत घटकर 102 अरब रुपये रह गया.

एमजे/एसएफ (वार्ता)

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