1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ट्विटर पर बंद होगा घृणा फैलाने का सिलसिला

ग्लोबल मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर घृणा से भरे संदेशों और अपशब्दों के सिलसिले को रोकने के लिए नए कदम उठा रहा है. आतंकवाद में भूमिका निभाने के कारण अमेरिका और कई दूसरी सरकारों के दबाव में ये बदलाव लाए गए.

पेरिस और कैलिफोर्निया के हमलों की साजिश में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के तार जुड़े होने के संदेह के कारण कंपनी ने इस बाबत कदम उठाए हैं. ट्विटर में ऑनलाइन ट्रस्ट एंड सेफ्टी की निदेशक मेगन क्रिस्टीना ने कहा है, "ट्विटर पर लोगों को स्वतंत्र अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित करने में उन्हें गालियों और प्रताड़ना से सुरक्षित रखना काफी महत्वपूर्ण है."

ऑनलाइन दुर्व्यवहार से निबटने के लिए कंपनी ने अपने नियमों में परिवर्तन किए हैं. ट्विटर ने परिभाषित किया है कि वे किसे दुर्व्यवहार और घृणात्मक आचरण मानते हैं. उन्होंने साफ किया है कि प्लेटफार्म पर "किसी को तंग करने, डराने या उसकी आवाज बंद करने के लिए धमकाने" नहीं दिया जाएगा. कंपनी का कहना है कि ट्विटर यूजर्स को "हिंसा की धमकी या हिंसा को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, इसमें आतंकवाद को बढ़ावा देना या उसकी धमकी देना भी शामिल है." इसके अलावा कंपनी ने बताया है कि नस्ल, जाति, धर्म, राष्ट्रीय मूल, यौन प्राथमिकता, लिंग, धर्म, आयु, विकलांगता या रोग के आधार पर भी किसी तरह का भेदभाव स्वीकार्य नहीं होगा. ट्विटर ने बताया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले का अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा.

दुनिया भर में हो रहे आतंकी हमलों में सोशल मीडिया का इस्तेमाल रोकने के लिए अमेरिकी और यूरोपीय सरकारें सोशल मीडिया कंपनियों पर दबाव डालती आई हैं. दिसंबर में ही अमेरिका के व्हाइट हाउस से जारी एक वक्तव्य में सोशल मीडिया पर संवाद और आतंकवाद की योजना बनाने के बीच अंतर स्थापित करने का आह्वान किया गया था. पेरिस में आतंकी हमलों के कारण फ्रांस में कई आपातकालीन कदम उठाने पर सहमति बनी है. इनमें आतंकी कार्रवाइयों का समर्थन करने वाली वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंटों पर नियंत्रण करना शामिल है.

दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने बताया है कि आउटलुक जैसी ईमेल सर्विस इस्तेमाल करने वाले अपने यूजर्स को उनके अकाउंट की हैकिंग का शक होने पर तुरंत सूचित करेगी. 2012 में गूगल ने इसकी शुरुआत की थी और इसी साल फेसबुक, ट्विटर और याहू भी यूजर्स को सावधान करने और उन्हें पासवर्ड बदलने के लिए संदेश भेजती हैं.

आरआर/एमजे (एएफपी, रॉयटर्स)

संबंधित सामग्री