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दुनिया

ट्रंप को दक्षिण कोरिया के साथ व्यापार में भी समस्या

सुरक्षा मसलों पर उत्तर कोरिया और अमेरिकी तनातनी से दुनिया वाकिफ है लेकिन कारोबारी पक्ष पर अब अमेरिका, दक्षिण कोरिया के साथ अपने संबंधों को सीमित करने पर विचार कर रही हैं.

दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े विदेशी कारोबारी समूह ने अमेरिका और दक्षिण कोरियाई कारोबारी संबंधों का पक्ष लेते हुये कहा है कि दक्षिण कोरिया के साथ मुक्त व्यापार समझौता खत्म करना अमेरिका के हित में नहीं होगा. अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स इन कोरिया (एएमसीएचएएम) ने ट्रंप के रुख पर असहमति जताते हुये कहा है कि दक्षिण कोरिया के साथ पांच साल पुराना अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौता (केओआरयूएस) दोनों देशों के लिये लाभप्रद रहा है और इसे खत्म करना ठीक नहीं होगा. ट्रंप ने इस समझौते को बेकार और नौकरियां खत्म करने वाला बताया था और कहा था कि वह इसे खत्म करने से जुड़े पहलुओं पर चर्चा करेंगे.

अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अधिकारियों ने कहा कि उत्तर कोरिया के साथ बढ़ती तनातनी के बीच, दक्षिण कोरिया के साथ सालों पुराना कारोबारी समझौता खत्म करना दोनों देशों के दशकों पुराने संबंधों को प्रभावित कर सकता है.

दक्षिण कोरियाई कारोबारी संबंधों में संशोधन अमेरिका के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसके तहत वह व्यापार घाटे में कटौती करना चाहता है. अमेरिका का व्यापार घाटा साल 2012 में इस समझौते के बाद से अब तक दोगुना हो गया है. साल 2011 में यह 13.2 अरब डॉलर था जो साल 2016 तक बढ़कर 27.6 अरब डॉलर हो गया. 

इसके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया से व्यापार करने वाले देशों के साथ भी संबंध खत्म करने की बात कही है. हालांकि आंकड़ों पर नजर डाले तो इस पर अमल करना अमेरिका के लिये आसान नहीं है. लेकिन दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिका का यह रुख कोरियाई प्रायद्वीप और एशिया की राजनीति पर निश्चित ही असर डाल सकता है.

एए/एनआर (रॉयटर्स, एएफपी) 

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