1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

ट्रंप का नया टैक्स प्लान, नौकरियों पर जोर

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी टैक्स कोड में सुधार लाने की अपनी योजना पेश की है. प्रस्तावित बिल में कॉरपोरेट टैक्स को घटाने की बात कही गयी है ताकि देश में ज्यादा से ज्यादा नौकरियां पैदा की जा सकें.

अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम में सुधार प्रयासों की विफलता के बाद कयास लगाये जा रहे थे कि ट्रंप सरकार की नयी कर सुधार योजना सरकार के एजेंडे को कुछ हद तक बचा सकेगी. और हुआ भी कुछ ऐसा ही, नये कर प्रस्ताव में नौकरियों पर जोर दिया गया है.

इस प्रस्ताव में कॉरपोरेट टैक्स की दर को 35 फीसदी से घटाकर 20 फीसदी रखा गया है, साथ ही नये विधेयक के अनुसार घरेलू स्तर पर जो पहले सात तरह की टैक्स दरें थीं, उन्हें घटाकर अब तीन कर दिया गया है. इसमें अधिकतम दर 35 फीसदी निर्धारित की गयी है. हालांकि यह योजना बताती है कि सबसे ज्यादा टैक्स देने वालों के लिए एक चौथी कर दर भी हो सकती है. इस प्रस्ताव में विदेशों में जमा पर निम्न कर दर की पेशकश की गयी है ताकि कंपनियों को प्रोत्साहित कर विदेशों में जमा राशि और परिसंपत्तियों को वापस देश लाया जा सके. नए प्रस्ताव के तहत पैतृक संपत्ति पर लगने वाले कर (इन्हेरिटेंस टैक्स) को भी समाप्त कर दिया जाएगा. ट्रंप के मुताबिक, "कॉरपोरेट टैक्स में कटौती एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है." उन्होंने कहा, "कॉरपोरेट टैक्स का सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग को होगा क्योंकि इससे देश में नौकरियां पैदा होंगी." ट्रंप ने मौजूदा कर व्यवस्था को बेहद पुराना बताया और कहा कि वर्तमान कर प्रणाली ही देश के आर्थिक विकास में बाधा बनी हुई है.

हेल्थकेयर सिस्टम और अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर दीवार जैसे मुद्दों पर अब तक विफल रहे ट्रंप के लिए यह कर सुधार बेहद ही अहम हो गये थे. पिछले साल अपने चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने टैक्स सुधारों पर तमाम बातें की थीं. हालांकि इस प्रस्ताव पर विपक्षी डेमोक्रेट्स को संसद में समझाना ट्रंप के लिए एक बड़ी चुनौती होगा. इन सब के बीच ट्रंप सरकार के इस कर प्रस्ताव का अमेरिकी शेयर बाजार ने जरूर स्वागत किया है.

एए/एके (एएफपी, एपी, रॉयटर्स)

DW.COM

संबंधित सामग्री