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मनोरंजन

टैटू बनाने के लिए मेडिकल लाइसेंस जरूरी

टैटू बनाना एक कला है, इस बात पर अड़े एक युवक पर जापान की अदालत ने भारी जुर्माना ठोंका. साथ ही अदालत ने टैटू को एक मेडिकल प्रैक्टिस भी घोषित कर दिया.

जापान में 29 साल के एक युवक के स्टूडियो में पुलिस ने छापा मारा. छापे के बाद पुलिस ने कहा कि युवक बिना औपचारिक शिक्षा के ही टैटू स्टूडियो चला रहा था, इसीलिए उसे गिरफ्तार किया गया. 2015 में हुई गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद युवक के पास कोर्ट से चालान आया. चालान में जुर्माना भरने को कहा गया था.

लेकिन युवक ने चालान भरने के बजाए मुकदमा चलाने की दरख्वास्त की. उसे पूरा यकीन था कि वह अदालत में साबित कर देगा कि टैटू बनाना एक कला है, जिससे मेडिकल साइंस का कोई लेना देना नहीं है.

Köln Fachmesse TattooBash (DW/C. Özbek)

दुनिया भर में हर साल आयोजित होते हैं टैटू फेस्टिवल

मुकदमे की सुनवाई के दौरान युवक ने बार बार कहा कि टैटू एक आर्ट है और इसे बनाने वाला आर्टिस्ट. लेकिन अंत में फैसला सुनाते हुए जज तकाकी नगासे ने कहा कि टैटू वाले के पास मेडिकल लाइसेंस होना चाहिए. जज ने कहा, टैटू गोदते वक्त "बैक्टीरिया और वायरस शरीर में दाखिल हो सकते हैं और त्वचा संबंधी समस्याएं होने का भी जोखिम है." इसीलिए टैटू आर्टिस्ट के पास मेडिकल लाइसेंस होना चाहिए. अदालत ने युवक पर 1,50,000 येन का जुर्माना भी ठोंका.

जापान में टैटू की छवि अच्छी नहीं हैं. टैटू को याजुका से जुड़े आपराधिक गुटों से जोड़ा जाता है. कई सार्वजनिक स्थानों, स्वीमिंग पूलों, गर्म पानी के कुंडों और बारों में टैटू वाले लोगों दाखिल नहीं होने दिया जाता. 2014 में हुए एक सर्वे में 90 फीसदी लोगों ने कहा था कि उन्हें टैटू से डर लगता है. लेकिन हाल के समय में जापानी युवाओं में टैटू की दीवानगी परवान चढ़ रही है. 20 से 30 साल के 40 फीसदी युवा अब टैटू को कूल आर्ट और फैशन मान रहे हैं.

(अनोखे और विवादित टैटू)

ओएसजे/एमजे (एएफपी)

 

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