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दुनिया

टूरिज्म की कमर तोड़ सकता है प्रदूषण

नवंबर और दिसंबर में लाखों विदेशी पर्यटक भारत आते हैं. लेकिन प्रदूषण उन्हें भारत से दूर भगा सकता है. एसोचैम में टूरिज्म सेक्टर की तरफ से अलार्म बजा दिया है.

भारत आने वाले ज्यादातर विदेशी पर्यटक दिल्ली, आगरा और जयपुर सर्किट कवर करते हैं. लेकिन इस वक्त दिल्ली की हालत खस्ता है. शहर दूषित हवा से हांफ रहा है. लोग मास्क पहनकर घूम रहे हैं. आगरा की हालत भी ऐसी ही है, खराब हवा और गलियों में पसरी दुर्गंध. विदेशी सैलानियों के लिए टूर ऑपरेट करने वाली भारतीय ट्रैवल एजेंसियां बेचैन हो रही हैं.

एसोचैम ने 350 टूर ऑपरेटर्स से बात करने के बाद यह दावा किया है कि दिल्ली और उसके आस पास फैले प्रदूषण की मार पर्यटन उद्योग पर पड़ सकती है. एसोचैम के मुताबिक, "अंतरराष्ट्रीय पर्यटक अपनी सेहत और सुरक्षा को लेकर काफी सजग होते हैं और दिल्ली में ऐसे नकारात्मक विकास के चलते शहर इंटरनेशनल टूरिस्ट मैप से बाहर निकल जाएगा."

2017 में जनवरी से लेकर जुलाई तक करीब 56.74 लाख विदेशी पर्यटक भारत आए. टूरिज्म मंत्रालय के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक वीजा के चलते भी इस संख्या में इजाफा हुआ है. अब देखना होगा कि नवंबर और दिसंबर जैसे पीक सीजन के आंकड़े क्या कहते हैं. इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष प्रणब सरकार के मुताबिक प्रदूषण की मार टूरिज्म सेक्टर पर दिखने लगी है. हालांकि साल के शुरुआती महीनों में भारत का पर्यटन उद्योग बेहतर हुआ था.

सर्दियों में देश के दूसरे हिस्सों से भी लोग दिल्ली घूमने आते हैं. एसोचैम के मुताबिक घरेलू पर्यटकों की संख्या पर भी दिल्ली की दूषित हवा भारी पड़ने वाली है, "यहां तक कि घरेलू पर्यटक भी दिल्ली से दूरी बनाने लगे हैं. विदेशी पर्यटक तो इनसे कहीं ज्यादा स्वच्छ पर्यटन का ख्याल रखते हैं."

दिल्ली समेत उत्तर भारत के टूर ऑपरेटर परेशान हो रहे हैं. विदेशी सैलानी अगर नहीं आए तो टैक्सी और होटल उद्योग पर भी इसका असर पड़ेगा. टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की लाखों नौकरियों पर इसका नकारात्मक असर दिखाई देगा.

हालांकि एसोचैम का कहना है कि अब तक बहुत बड़ी संख्या में टूर कैंसल करने की दरख्वास्त नहीं आई है. लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विदेशी पर्यटक दिल्ली को लेकर आशंकित रहेंगे.

(भारत की सबसे खूबसूरत जगहें)

ओएसजे/एमजे (रॉयटर्स)

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