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मनोरंजन

टी बी का दंश झेल चुका हूं: अमिताभ

बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन ने पहली बार माना है कि उन्हें तपेदिक हुआ था. बम्बई म्युनिसिपल कार्पोरेशन ने उन्हें तपेदिक के खिलाफ अपने अभियान में ब्रांड एम्बेसडर बनाया है.

बम्बई म्युनिसिपल कार्पोरेशन बीएमसी के तपेदिक अभियान के शुरुआत के मौके पर अमिताभ बच्चन ने कहा कि वे 2000 में तपेदिक की बीमारी का शिकार हुए थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने उस वक्त पहली बार एक टीवी गेम शो में काम करना शुरू ही किया था कि वह इस घातक बीमारी की चपेट में आ गए. बच्चन ने कहा कि सुबह के समय उठने पर वह काफी कमजोरी महसूस किया करते थे और जब जांच कराई तो पता चला कि तपेदिक से पीड़ित हैं.

अमिताभ बच्चन ने कहा कि वे तपेदिक से एक साल तक जूझते रहे और इसके बाद वह बीमारी से मुक्त हुए. लोगों से इस जानलेवा बीमारी के लक्षण सामने आने पर जल्द से जल्द जांच कराने की अपील करते हुए बच्चन ने कहा, "यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो जाती है और इसका जीता जागता उदाहरण मैं हूं जो आज आपके सामने पूरी तरह भला चंगा खड़ा हूं." उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस बीमारी के बारे में किसी को नहीं बताया था लेकिन अब लोगों को जागरूक करने की जरुरत है.

संयुक्त राष्ट्र संस्था यूएनडीपी के अनुसार दुनिया भर में होने वाले टी बी के मामलों का पांचवा हिस्सा भारत में होता है, लेकिन भारत ने उसे कम करने की दिशा में प्रगति की है. तपेदिक के इलाज में कामयाबी की दर पिछले पांच सालों में 86-87 फीसदी रही है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार टीबी पर शोध के लिए बजट में पिछले तीन सालों में लगातार वृद्धि हुई है. वह 2011 के 38 करोड़ से बढ़कर 2013 में 51 करोड़ रुपये हो गई है.

एमजे/आरआर (वार्ता)

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