टाटा पर पड़ी नोटबंदी की मार | दुनिया | DW | 15.02.2017
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दुनिया

टाटा पर पड़ी नोटबंदी की मार

टाटा मोटर्स ने कंपनी के घटते लाभ के लिए नोटबंदी को भी जिम्मेदार ठहराया है. कंपनी के मुताबिक नोटबंदी के चलते मझोले और भारी वाणिज्यिक वाहन कारोबार पर काफी दबाव देखा गया और बिक्री 9 फीसदी तक घटी.

भारतीय वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 96 फीसदी घटकर 111.57 करोड़ रुपये रहा.  बीते वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 2,593 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. कंपनी के राजस्व में भी 4.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

कंपनी के मुताबिक भारत सरकार के नोटबंदी के फैसले ने घरेलू बाजार में मांग को प्रभावित किया. इसके चलते मझोले और भारी वाणिज्यिक वाहन कारोबार पर काफी दबाव देखा गया और इनकी बिक्री करीब 9 फीसदी तक घटी. इसके साथ ही जैगुआर लैंडरोवर के मुनाफे में गिरावट और घरेलू परिचालन में नुकसान की वजह से कंपनी का मुनाफा घटा है.

 

मोदी सरकार के नोटबंदी फैसले ने बाजार में नकदी संकट पैदा कर दिया था. लेकिन सरकार इसे काले धन के खिलाफ उठाया गया एक बड़ा कदम बताती है. हालांकि सरकार को इस पर कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ा है और अब कंपनियां भी घटते मुनाफे के लिए कहीं न कहीं नोटबंदी को जिम्मेदार ठहरा रही हैं.

एए/ओेएसजे (एएफपी, पीटीआई)

 

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