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दुनिया

टकराव के साथ शांति भी मुमकिन

भारतीय रक्षा मंत्री के मुताबिक विवादित इलाकों में भारत और चीन की सेनाओं के बीच टकराव की नौबत आ सकती है. एंटनी ने उम्मीद जताई है कि ऐसी दशा में दोनों देशों के बीच शांति से मामला सुलझाने की समझ बढ़ी है.

लद्दाख में पांच भारतीय नागरिकों को चीनी सेना ने गिरफ्तार कर लिया. भारतीय रिपोर्टों के मुताबिक चीन की सेना ने इन्हें भारतीय इलाके से गिरफ्तार किया. इन रिपोर्टों के बाद भारतीय रक्षा मंत्री को सफाई देनी पड़ी. एके एंटनी ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग भारतीय सैनिक नहीं, बल्कि आम लोग थे. सौहार्दपूर्ण ढंग से इस मामले को सुलझा लिया गया.

रक्षा मंत्री ने कहा, "हमारा फैसला है कि शांति बहाल रखी जाए. सीमा बहुत लंबी है लिहाजा किसी घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, ऐसे में दोनों पक्षों को साथ आकर मित्रता से मामले को हल करना चाहिए."

सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच 1962 में युद्ध भी हो चुका है. जंग में भारत की हार हुई. चीन जहां अरुणाचल प्रदेश पर अपना अधिकार जताता है वहीं भारत अक्साई चीन को अपना इलाका बताता है. इन दोनों इलाकों के अलावा कुछ और जगहों पर भी सीमा को लेकर मतभेद बने हुए हैं.

Bildergalerie 50 Jahre indisch-chinesischer Krieg

मतभेदों के साथ मित्रता

एंटनी के मुताबिक, "इन मुद्दों के समाधान में रातों रात किसी चमत्कार की उम्मीद मत कीजिए. हम लोग यह कोशिश कर रहे हैं कि एक संतोषजनक हल निकलने तक अगर सीमा पर कोई मामला होता है तो उसे हम संवाद और आधिकारिक तंत्र के जरिए सुलझाएं. हाल के दिनों में हमने बिना ज्यादा देरी के ऐसे मामले सुझलाए हैं. यह एक सुधार है."

नई दिल्ली और चीन के बीच हाल ही में नया सीमा सुरक्षा सहयोग समझौता हुआ है. समझौते के तहत दोनों पक्ष किसी भी तरह के विवाद को जल्द से जल्द सुलझाने पर सहमत हुए हैं.

सीमा को लेकर चीन का जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम और दक्षिण पूर्वी एशिया के कई देशों से भी विवाद है. पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में तो यह विवाद और गहरा रहा है. हाल के दिनों में वहां अमेरिकी सेना ने दखल देने की कोशिश की, जिस पर चीन ने कड़ी नाराजगी जताई.

ओएसजे/एमजे (पीटीआई)

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