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जर्मन चुनाव

झिझक के साथ ग्रीस को जर्मन मदद

सारी दुनिया के शेयर बाज़ारों में खलबली मची है. रेटिंग एजेंसियों द्वारा जंक करार दिए जाने के बाद ग्रीस की साख बिल्कुल गिर चुकी है व उसके दीवालिएपन का ख़तरा यूरो ज़ोन पर मंडरा रहा है.

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त्रिषे, शॉएबले व श्ट्रॉस कान

यूरो की कीमत डालर के मुकाबले पिछले एक साल के सबसे नीचे स्तर पर है. वजह है रेटिंग एजेंसियों द्वारा ग्रीस को जंक स्टैटस देना - यानी बाज़ार में उसके बांड्स की कोई साख नहीं रह गई है. ग्रीस दीवालिएपन के कगार पर खड़ा है, और ग्रीस की समस्या समूचे यूरो मुद्रा क्षेत्र की समस्या बन गई है.

ग्रीस के दस साल के बांड्स पर अब ब्याज की दर 11 प्रतिशत हो गई है. अब तक कहा जा रहा था कि ग्रीस को इस वर्ष 45 अरब यूरो के बराबर फ़ौरी कर्ज़ की ज़रूरत है. इस बीच माना जा रहा है कि कहीं ज़्यादा धन की आवश्यकता होगी. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से 15 अरब यूरो व यूरोपीय संघ की ओर से 30 अरब यूरो दिए जाने थे, जिसमें से जर्मनी का हिस्सा 8.4 अरब यूरो के बराबर होना था. फ़ाइनेंशियल टाइम्स के सुत्रों का कहना है कि मुद्रा कोष अपना हिस्सा 25 अरब यूरो तक बढ़ा सकता है. यूरोपीय संघ के अंदर सबकी नज़र जर्मनी की ओर है. अभी तक जर्मनी की ओर से मदद की किसी ठोस राशि का वादा नहीं किया गया है. बुधवार सुबह चांसलर अंगेला मैर्केल के नेतृत्व में इस सिलसिले में कैबिनेट की कोर कमेटी की एक बैठक हुई. आज मुद्रा कोष के अध्यक्ष श्ट्रॉस कान और यूरोपीय केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष ज़्यां क्लोद त्रिषे बर्लिन में जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल और वित्त मंत्री वोल्फ़गांग शॉएबले से मिले. इसके बाद एक पत्रकार सम्मेलन में जर्मन वित्त मंत्री ने कहा कि जर्मन सरकार जल्द फ़ैसला लेगी. अगर हालत हद तक पहुंचे तो सोमवार को ही एक विधेयक तैयार कर लिया जाएगा. संसदीय दलों से बात की जाएगी ताकि सात मई तक यह विधेयक पारित हो जाए.

यूरोपीय संघ की परिषद के अध्यक्ष हैरमान फ़ान रोम्पुई ने घोषणा की है कि ग्रीस की स्थिति पर विचार के लिए यूरो क्षेत्र के देशों की एक शिखर बैठक होगी -

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष की हैसियत से मैं इस बात की पुष्टि करता हूं कि मैं दस मई के इर्दगिर्द ग्रीस के मामले में यूरो ग्रुप की एक शिखर बैठक बुलाना चाहता हूं. बातचीत चल रही है. वे पटरी पर हैं और कर्ज़ों के पुनर्गठन का कोई सवाल नहीं है. -हैरमान फ़ान रोम्पुई

लेकिन रेटिंग एजेंसी के मूल्यांकन और उसके बाद वित्तीय बाज़ार में आई खलबली से जर्मनी में घबराहट देखी जा रही है. ग्रीस में जर्मनी के राजदूत वोल्फ़गांग शुल्टहाइस ने इस सिलसिले में कहा -

हमें एक स्पष्ट संकेत भेजना पड़ेगा कि हम ग्रीस को गिरने नहीं देंगे. मैं समझता हूं कि यही मुख्य बात है. जर्मनी ग्रीस की मदद करेगा और उसे गिरने नहीं दिया जाएगा. - वोल्फ़गांग शुल्टहाइस

लेकिन ग्रीस को कम से कम 10 मई तक इंतज़ार करना पड़ेगा. और तब तक हालत काफ़ी बिगड़ सकती है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/उभ

संपादन: आभा मोंढे

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