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विज्ञान

ज्यादा शराब पीने से याददाश्त में कमी

लंबे अर्से से ज्यादा शराब पीने वाले अधेड़ उम्र के पुरुषों में याददाश्त में गिरावट का खतरा बना रहता है. एक नए शोध से यह ताजा जानकारी मिली है. महिलाओं में ऐसा असर नहीं होता.

यह शोध 5000 ब्रिटिश नौकरशाहों पर किया गया. शोध से पता चलता है कि सालों से ज्यादा शराब पी रहे अधेड़ उम्र के मर्दों में याददाश्त कम हो जाती है. शोध में ज्यादा शराब पीने वालों की तुलना उन लोगों से की गई जो सामान्य रूप से शराब पीते हैं या फिर एकदम नहीं पीते. शोध के अनुसार अत्यधिक शराब पीने वालों में दस वर्षों में तर्क करने जैसी मानसिक योग्यता में दो साल का अतिरिक्त बुढ़ापा और याददाश्त में छह साल का बुढ़ापा देखा गया.

यह कोई आश्चर्य की बात नहीं कि ज्यादा शराब पीने का मस्तिष्क पर असर होता है, लेकिन इस शोध में उस उम्र के लोगों पर ध्यान दिया गया है जो पहले हुए शोध में शामिल नहीं किए गए थे. पहले हुई रिसर्चों में शोधकर्ताओं ने छात्रों और बुजुर्गों पर ज्यादा ध्यान दिया है. शोधकर्ताओं की रिपोर्ट न्यूरोलॉजी जर्नल में छपी है. शोधकर्ताओं को महिलाओं पर इसका असर नहीं दिखा, हालांकि इस शोध में बहुत ही कम महिलाओं को शामिल किया गया था. ज्यादा शराब पीने वाली महिलाओं को इस शोध में शामिल किया गया था.

शराब और याददाश्त का रिश्ता

शोधकर्ताओं में शामिल यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की सेवरीन साबिया के मुताबिक यह बता पाना बहुत ही मुश्किल है कि मर्दों में किस स्तर पर शराब पीने से यह खतरा शुरू होता है. उन्होंने इस रिसर्च के लिए 20 सालों के डाटा का इस्तेमाल किया और इसके लिए सवालों की सूची बनाई. शोधकर्ताओं ने रिसर्च के लिए पुरुषों की दस साल तक औसत दैनिक शराब की खपत का आकलन किया जब तक वे औसतन 56 साल की उम्र के नहीं हो गए. उसके बाद उन्होंने अगले दस साल मानसिक क्षमताओं में गिरावट का पता लगाया.

हर पांच साल पर शोध में शामिल लोगों का टेस्ट किया गया. ज्यादा शराब पीने वालों में त्वरित गिरावट देखी गई, इस समूह में 469 पुरुष शामिल थे, जो अलग अलग मात्रा में शराब का सेवन कर रहे थे. शराब के सेवन की न्यूनतम मात्रा रोजाना 13 औंस वाइन या फिर 30 औंस बीयर की थी. अधिकतम मात्रा इसकी तिगुनी थी.

फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी की सारा जो निक्सन कहती हैं, जो पुरुष न्यूनतम मात्रा में शराब का सेवन करते हैं उनमें यह जरूरी नहीं कि त्वरित मानसिक गिरावट का खतरा हो. निक्सन इस शोध में शामिल नहीं हुई थी. साथ ही निक्सन कहती हैं शोध, शराब के सेवन और तेजी से मानसिक गिरावट को जोड़ता है लेकिन इसके सबूत नहीं हैं कि शराब पीने से ऐसा होता है. उनका कहना है कि अधेड़ उम्र के लोगों को पीने की अपनी आदत पर ध्यान देना चाहिए.

एए/एमजे (एपी)

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