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दुनिया

जो बाइडेन करेंगे स्विफ़्ट संधि की वक़ालत

अपने दो दिवसीय यूरोप दौरे पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जो बाइडेन आज यूरोपीय संसद को संबोधित कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि जो बाइडेन आतंकवाद विरोधी संघर्ष में आपसी सहयोग पर ज़ोर देंगे.

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जो बाइडेन

कोपेनहेगन जलवायु सम्मेलन के विफल होने और राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा इस वर्ष के आरंभ में यूरोप अमेरिकी शिखर भेंट को रद्द किए जाने के बाद पारस्परिक संबंधों में ठंडापन आ गया है. अमेरिका आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाना चाहता है.

Plenarsaal EU Parlament

यूरोपीय संसद

यह भी उम्मीद की जा रही है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति शीघ्र एक नई स्विफ़्ट संधि किए जाने की वक़ालत करेंगे ताकि अमेरिकी अधिकारियों को यूरोपीय बैंक खातों के बारे में फिर से जानकारी मिल सके.

बेल्जियम में स्थित कंपनी स्विफ़्ट बैंकों और ग्राहकों के बैंक खातों के बीच होने वाले लेन देन का निबटारा करती है. 2009 तक मुख्य सर्वर अमेरिका में होने के कारण अमेरिकी अधिकारी लेन देन के आंकड़ों पर नज़र रख सकते थे और इस बात की जांच कर सकते थे कि किसने किसे कितना धन ट्रांसफर किया है. अमेरिका का कहना है कि आतंकवादियों के धनस्रोतों का पता लगाने के लिए यह जानकारी ज़रूरी है.

इस साल के आरंभ से स्विफ़्ट का सर्वर स्विट्ज़रलैंड में है जिसके कारण अब अमेरिकी अधिकारी यूरोपीय लेन देन पर नज़र नहीं रख सकते. इस स्थिति से निबटने के लिए इस साल के आरंभ में पहली स्विफ़्ट संधि हुई थी लेकिन यूरोपीय संसद ने डेटा सुरक्षा चिंताओं के कारण उसे मंज़ूरी देने से इंकार कर दिया था.

Logo Swift

स्विफ़्ट पर विवाद

यूरोपीय संसद ने बुधवार को बैंक डेटा के विवादास्पद आदान प्रदान की स्विफ़्ट संधि पर अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू करने को हरी झंडी दिखा दी है. बातचीत शुरू करने के प्रस्ताव को कंजरवेटिव, सोशल डेमोक्रैटिक और लिबरल सांसदों ने समर्थन दिया जबकि ग्रीन और वामपंथी सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

संसद के दबाव में अब नई संधि में डेटा सुरक्षा की गारंटी और ज़रूरत पड़ने पर कानूनी सहायता के संरचनाओं को भी शामिल किया जाएगा. इसके अलावा खातों की जानकारी पाना सिर्फ़ आतंकवाद विरोधी लक्ष्यों तक सीमित रहेगी. ग्रीन पार्टी ने इसे मामले में प्रगति बताया लेकिन फिर संसद में हुए मतदान में तटस्थ रहे क्योंकि अमेरिका के बड़े डेटा पैकेज दिए जाने की संभावना को रोका नहीं गया है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/महेश झा

संपादन: सचिन गौड़

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