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मनोरंजन

"जॉली एलएलबी2" पर हाईकोर्ट का आदेश, चार कट लगाने होंगे

अब तक सेंसर बोर्ड के आदेशों के खिलाफ निर्माता ही अदालत में जाते थे, लेकिन अब सेंसर बोर्ड से पास की जा चुकी अक्षय कुमार की जॉली एलएलबी 2 पर अदालत ने कट लगाने के आदेश दिए हैं.

सेंसर बोर्ड की ओर से हरी झंडी पा चुकी अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म जॉली एलएलबी2 पर अब बंबई उच्च न्यायालय ने कट लगाने के आदेश दिए हैं. न्यायायल ने साफ कहा है कि फिल्म से उन दृश्यों को हटाया जाए जो वकीलों की गलत छवि पेश करते हैं. यह अपने आप में ऐसा पहला मामला है जहां सेंसर बोर्ड की अनुमति के बाद न्यायालय की ओर से कोई आदेश आया हो. अब तक न्यायालय में फिल्मों से जुड़े अकसर वहीं मामले आते रहे हैं जहां फिल्म प्रमाणन बोर्ड ही फिल्मों में दृश्यों को लेकर आपत्ति उठाता रहा है.

सीबीएफसी के चैयरमेन पहलाज निहलानी के मुताबिक "हमें इस फिल्म पर कोई आपत्ति नहीं है. यह मनोरंजन के उद्देश्य से गढ़ी गई एक काल्पनिक कहानी है. ” हालांकि निहलानी ने यह भी कहा कि वे अदालती आदेश के इंतजार में हैं. 

"जॉली एलएलबी 2” एक ऐसे वकील की कहानी है जो हाई-प्रोफाइल मामलों के साथ भारतीय न्यायिक व्यवस्था पर व्यंग्य करता है. वकील अजय कुमार वाघमारे ने अपनी याचिका में कहा कि फिल्म के कुछ दृश्यों में वकीलों का मजाक बनाया गया है. इसके साथ ही देश की न्याय व्यवस्था का अपमान भी किया गया है. वाघमारे ने ऐसे सीन और फिल्म के टाइटल से वकीलों की डिग्री "एलएलबी” को भी हटाए जाने की भी अपील की है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि फिल्म को शुक्रवार को ही रिलीज होना है इसलिए अब फिल्म चार कट के साथ ही परदे पर उतारी जा सकती है.

द हिंदू अखबार के हवाले से लिखा गया है कि फिल्म के एक दृश्य में नायक न्यायाधीश के डायस पर उचकता है और अपने मुवक्किल से न्यायाधीश पर जूता फेंकने को कहता है. फिल्म में वकीलों को अदालत में ताश खेलते और नाचते हुए भी दिखाया गया है.

भारतीय सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्मों पर आपत्ति उठाने का लंबा इतिहास रहा है. वहीं फिल्म निर्माता भी बोर्ड के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं. अभिनेता शाहिद कपूर अभिनीत उड़ता पंजाब के रिलीज के दौरान निर्माताओं और बोर्ड के बीच लंबी तनातनी देखनी को मिली थी. साल 2015 में भी बोर्ड ने फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे को भारत में रिलीज करने की अनुमति नहीं दी थी.

हालांकि ऐसे तमाम मामले भी सामने आए हैं जहां न्यायपालिका की भूमिका पर सवाल उठते रहे हैं. हाल में ही सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मुख्य न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए जिन नौ नामों को मंजूरी दी है उनमें से न्यायमूर्ति हेंमत गुप्ता की पत्नी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा है. 

एए/एके (एएफपी, पीटीआई)

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