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दुनिया

जॉर्डन में बलात्कारी को बचाने वाला कानून खत्म

बलात्कार पीड़ित से शादी करने पर सजा माफ करने वाले विवादित कानून को जॉर्डन ने रद्द किया. इस कानून की आड़ में देश में कई बलात्कार हुए.

जॉर्डन की महिलाओं का कई साल लंबा अभियान आखिकार कामयाब हुआ. रविवार को कैबिनेट ने धारा 308 को रद्द कर दिया. धारा 308 के तहत अगर बलात्कार की पीड़िता से खुद बलात्कारी शादी कर ले, तो उस अपराधी को सजा नहीं दी जाती थी. सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं और अन्य धर्मों के प्रतिनिधि लंबे समय से इस कानून को खारिज करने की मांग कर रहे थे. वहीं इस कानून का समर्थन करने वालों की दलील थी कि शादी करने से महिला के सम्मान की रक्षा हो जाती है.

जॉर्डन ने 2016 में इस कानून में संशोधन भी किया था. लेकिन संशोधन के बावजूद इसका विरोध जारी रहा. इसके बाद सरकार ने एक विवादित कानून की समीक्षा के लिए रॉयल समिति गठित की. समिति ने फरवरी 2016 में अपनी रिपोर्ट जमा की. रिपोर्ट में इस कानून को पूरी तरह खारिज करने का सुझाव दिया गया था.

(महिलाओं के खिलाफ अजीबोगरीब कानून)

महिला अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है. जॉर्डन टाइम्स से बात करते हुए एक्टिविस्ट लैला नाफा ने कहा, "सपना साकार हो चुका है."

मध्य पूर्व के देश जॉर्डन द्वारा इस विवादित कानून को खत्म करने का व्यापक असर हो सकता है. मध्य पूर्व के कुछ और देशों में भी ऐसे ही विवादित कानून हैं. जॉर्डन के फैसले के बाद लेबनान समेत अन्य देशों पर भी बलात्कारी को बचाने वाले कानून को खत्म करने का दबाव पड़ेगा. लेबनान में भी इस विवादित कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. रविवार को राजधानी बेरुत में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शादी के पोशाक लटका कर अपने देश के विवादित कानून का विरोध किया.

(यहां महिलाएं सबसे असुरक्षित हैं)

ओेएसजे/आरपी (एएफपी)

 

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