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मनोरंजन

'जॉब्स' से नाराजगी

स्टीव जॉब्स के जिगरी दोस्त और एप्पल के सह संस्थापक जॉब्स पर बनी फिल्म से नाराज हैं. पुराने गैराज में जॉब्स के साथ मिलकर मैकिंटॉस कंप्यूटर बनाने वाले स्टीव वोजनियाक को लगता है कि फिल्म कुछ लोगों का गलत चरित्र गढ़ रही है.

एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स के निधन के डेढ़ साल बाद तैयार हुई इस फिल्म का नाम 'जॉब्स' है. शुक्रवार को सनडांस फिल्म फेस्टिवल में फिल्म का प्रीमियर हुआ. फिल्म को काफी सराहा गया. लेकिन स्टीव जॉब्स के दोस्त और एप्पल को इतनी बड़ी कंपनी बनाने में मुख्य इंजीनियर की भूमिका निभाने वाले वोजनियाक फिल्म से बिफरे हुए हैं. वोजनियाक के मुताबिक जॉब्स और उनके रिश्ते जैसे दिखाये गए हैं, वह सच नहीं है.

1987 में एप्पल छोड़ने वाले वोजनियाक ने कहा, "मैं इस बात को नहीं समझ पा रहा हूं कि क्या दिखाने की कोशिश हो रही है. किरदार गलत हैं, हालांकि मेरा किरदार सच्चाई के कुछ करीब है. समाज को प्रभावित करने वाले कम्यूटर का विचार जॉब्स का नहीं था. उन विचारों से मैं प्रेरित था और मैंने खुलकर होमब्रू कम्यूटर क्लब में उन्हें सामने रखा."

Steve Jobs

स्टीव जॉब्स

स्टीव जॉब्स पर बनाई गई यह फिल्म अमेरिका में अप्रैल में रिलीज होगी. फिल्म दो हिस्सों में है. निर्देशक जोशुआ माइकल स्टर्न के मुताबिक कहानी जॉब्स की जीवनी पर आधारित है. फिल्म बताएगी कि कैसे पढ़ाई पूरी करने से पहले ही कॉलेज से निकला एक लड़का 20वीं सदी का सबसे बड़ा रचनात्मक उद्यमी बन गया.

2011 में स्टीव जॉब्स के निधन के बाद उनकी जीवनी बाजार में आई. जीवनी के जरिए लोगों को जॉब्स की रहस्यमयी जिंदगी के बारे में पता चला. वोजनियाक मानते हैं कि जॉब्स को लेकर जो बातें फिलहाल होती हैं उनमें से कुछ सही नहीं हैं. वैसे जॉब्स की जीवनी से भी पता चलता है कि कंप्यूटर बनाने का ज्यादातर तकनीकी काम वोजनियाक ने किया.

लंबे समय तक साथ काम करने के बाद वोजनियाक और जॉब्स की दोस्ती में दरार आई. वोजनियाक एप्पल छोड़कर चले गए. एप्पल से जॉब्स को भी निकाल दिया गया. जॉब्स फिल्म निर्माण में चले गए. हालांकि बाद में जब जॉब्स एप्पल में वापस लौटे तो उन्होंने कंपनी को चमका दिया. उन्हीं की अगुवाई में एप्पल ने आईपॉड, आईफोन, आईपैड और मैकबुक जैसी मशीनें उतारकर क्रांति कर दी. एप्पल की इस सफलता के बाद माना जाने लगा कि जॉब्स ही अकेले विलक्षण इंसान हैं, वोजनियाक की चर्चा कम ही हुई.

Steve Jobs Flash-Galerie

1976 में गैराज में कम्यूटर बनाते जॉब्स और वोजनियाक (दाएं)

वोजनियाक को सुर्खियों की ज्यादा परवाह भी नहीं. फिल्म का बहुत छोटा सा हिस्सा देखने के बाद वह कहते हैं, "जैसा दिखाया गया है, उसके उलट हमारा रिश्ता बहुत अलग था. मुझे थोड़ी शर्मिंदगी हुई है लेकिन अगर फिल्म मजेदार और मनोरंजक है तो ठीक है. जो कोई मेरी किताब आईवोज पढ़ सकता है उसे साफ तस्वीर मिलेगी."

वोजनियाक की विनम्रता भरी नाराजगी के बाद फिल्म निर्माताओं ने भी बयान जारी किया है. बयान में कहा गया है कि यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म नहीं है, जिसमें हर चीज, हर वाकये और हर व्यक्ति की बात को जस का तस रख दिया जाए. निर्माताओं के मुताबिक वे स्टीव जॉब्स से जुड़ी जरूरी जानकारी को पर्दे पर उतार रहे हैं, इसमें वे लोग भी हैं जिन्होंने उनके साथ एप्पल कंपनी बनाई.

ओएसजे/एमजे (एएफपी)

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