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दुनिया

जी7 में ना हो कर भी रहे पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भले ही जी7 शिखर सम्मलेन से बाहर हैं लेकिन वहां हुई चर्चा में वही छाए हुए हैं. यूरोप और अमेरिका रूस पर नए प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहे हैं.

बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में चल रहे जी7 देशों के शिखर सम्मलेन में यूक्रेन का मुद्दा अहम रहा. अमेरिका, कनाडा, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने मिल कर रूस से आग्रह किया है कि हाल में यूक्रेन में हुए चुनावों को मान्यता दे और सीमा से अपनी सेनाएं हटाए. सभी सात देश इस बात को ले कर एकमत दिखे कि रूस को यूक्रेन में हथियारों की आवाजाही को रोकना होगा.

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद ने कहा कि बैठक के बाद संदेश साफ है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "वहां हम सात लोग थे, आठ नहीं. हम सब लोग एक ही आवाज में बोल रहे थे और एक ही नतीजे पर पहुंचे हैं." पुतिन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "हर किसी तक यह संदेश पहुंचना चाहिए, उन लोगों तक भी जो इस बैठक में नहीं थे."

Symbolbild Russland Sanktionen USA Obama

ओबामा की सख्ती

मार्च में जी8 के सात देशों ने यूक्रेन विवाद के कारण रूस में होने वाले शिखर सम्मेलन से अपने को बाहर कर लिया और खुद अपनी जी7 सम्मेलन करने का फैसला किया. हालांकि पुतिन ने बैठक में ना बुलाए जाने पर कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर बैठक से पहले उन्होंने यह जरूर कहा कि वह "बातचीत के लिए राजी" हैं. जहां यूरोपीय देश उन्हें बातचीत का मौका देना चाह रहे हैं, वहीं अमेरिका का रुख बेहद कड़ा है. ओबामा की फिलहाल पुतिन से मिलने की कोई योजना नहीं है. मंगलवार को उन्होंने पोलैंड में कहा कि पूर्वी यूरोप की स्थिति को देखते हुए वे नाटो देशों में सेना की तैनाती के लिए नए कदमों के बारे में विचार कर रहे हैं.

वहीं दूसरी ओर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और जर्मनी की चांसलर अंगेला मैर्केल पुतिन के साथ शांति वार्ता की तैयारी में हैं. इसी सप्ताहांत फ्रांस में डीडे की 70वीं वर्षगांठ के अवसर पर उनकी पुतिन से मिलने की योजना है. दरअसल यूरोपीय देश तेल और गैस के लिए रूस पर निर्भर हैं. इसी वजह से वे चाह कर भी मॉस्को से बहुत ज्यादा दूरी नहीं बना पा रहे हैं. वहीं अमेरिका की रूस पर ऐसी कोई निर्भरता नहीं है.

Putin Wirtschaftsforum St. Petersburg SPIEF 23.05.2014

पुतिन पर निर्भरता

यूरोप और अमेरिका की स्थिति में अंतर के बावजूद सभी देश रूस पर नए प्रतिबंध लगाने को ले कर एकमत हैं. जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने कहा, "आज शाम यहां जो चर्चा हुई उसमें हमने अपनी प्राथमिकता तय की है कि हम उनसे चर्चा करना चाहते हैं. हमारे लिए सबसे जरूरी है कि यूक्रेन जल्द ही सही राह पर आ जाए."

जी7 देशों के लिए चिंता का एक बड़ा विषय यह भी है कि सीरिया, ईरान और अफगानिस्तान जैसे देशों के विवादित मुद्दों पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैसले लेने के लिए भी उसे रूस की जरूरत है. ऐसे में वे पुतिन को पूरी तरह दरकिनार नहीं कर सकते. जी7 की दो दिवसीय बैठक में आज सातों देश अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, पर्यावरण नीति और विकास के मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं.

आईबी/एमजे (एएफपी)

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