जीत कर खुश हैं जोकोविच | खेल | DW | 07.07.2014
  1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

खेल

जीत कर खुश हैं जोकोविच

सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने पांच सेटों के महामैच में स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर को रोक दिया, फिर झुक कर लंदन में विम्बलडन के घास को चूमा और हाथ बढ़ा कर उस चमचमाती ट्रॉफी को थामा, जो आठवीं बार फेडरर के पास आते आते रह गई.

जोकोविच ने फेडरर के 18वें ग्रैंड स्लैम का सपना तोड़ दिया और 6-7, 6-4, 7-6, 5-7, 6-3 से जीत हासिल करने के बाद फिर टेनिस की गद्दी पर बैठ गए. यह उनके करियर का सातवां ग्रैंड स्लैम बना. दो दिन में 33 के होने जा रहे फेडरर ने लंबे वक्त बाद किसी ग्रैंड स्लैम खिताब के फाइनल में जगह बनाई. पहला सेट जीत कर उन्होंने ठोस शुरुआत की लेकिन दूसरे और तीसरे सेट को गंवाने के बाद लगा जैसे मैच जल्द खत्म हो जाएगा. पर फेडरर ने चौथे सेट में 2-5 से वापसी करते हुए जीत हासिल की और मैच को पांचवें सेट में धकेल दिया.

Roger Federer

टूट गया फेडरर का सपना

यहां तजुर्बे पर ऊर्जा भारी पड़ी और 27 साल के जोकोविच ने ताबड़तोड़ टेनिस खेली. पांच सेट के बादशाह कहे जाने वाले फेडरर पांचवें सेट में पराजित हो गए. जोकोविच ने 18 महीने बाद कोई ग्रैंड स्लैम खिताब जीता. उन्होंने कहा, "मेरे करियर के इस मोड़ पर यह ग्रैंड स्लैम आना बहुत निर्णायक है, खास तौर पर कई ग्रैंड स्लैम फाइनल में हार के बाद. मुझे खुद पर भी शक होने लगा था. मुझे इस जीत की जरूरत थी."

जोकोविच ने जीत का जश्न अपनी गर्लफ्रेंड येलेना रुसटिच के साथ मनाया, जो उम्मीद से हैं. सर्बिया के सुपर स्टार अगले कुछ दिन टेनिस से दूर रहना चाहते हैं, "मैं कुछ दिन आराम करना चाहता हूं. कुछ खास चीजें आ रही हैं, शादी और कुछ महीनों में पिता बनना." उन्होंने इस जीत के लिए जर्मनी के बोरिस बेकर को भी श्रेय दिया, जो आजकल उनके कोच हैं.

एजेए/एमजी (डीपीए)