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विज्ञान

जिंदगी आसान करेगा चिकना प्लास्टिक

शैम्पू की बोतल में पानी भर कर या टूथपेस्ट को दबा दबाकर उसका भरपूर इस्तेमाल करने की कोशिश आपने जरूर की होगी. दो इंजीनियर अब इस झमेले को खत्म करने जा रहे हैं.

प्लास्टिक की बोतल में बहुत कुछ हमेशा बचा रह जाता है. कभी तेल, कभी शैम्पू तो कभी कुछ और. ऐसा ही हाल टूथपेस्ट ट्यूब का भी होता है.

ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के इंजीनियर भारत भूषण और फिलिप एस ब्राउन ने इस परेशानी का हल खोजा है. इंजीनियरों के मुताबिक उन्होंने बेहद चिकनी सतह वाला प्लास्टिक तैयार किया है. यह इतना फिसलन भरा है कि इस पर तेल या शैम्पू जैसे चिपचिपे द्रव भी फिसल जाएंगे.

Honigglas

शहद हो या तेल, बोतल में कुछ न कुछ रह ही जाता है.

उनकी तकनीक बेहद सस्ती भी है. इसे दुनिया भर में पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले सस्ते प्लास्टिक पर भी लागू किया जा सकता है. डॉक्टर भूषण के मुताबिक बेहद चिकनाहट वाली सतह बनाने की यह तकनीक फिंगरप्रिंट प्रूफ फोनस्क्रीन, कार कोटिंग और दागरोधी फैब्रिक बनाने भी इस्तेमाल होगी.

प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज एमआईटी के प्रोफेसर गेरेथ मैकिन्ले इसे अहम खोज करार दे रहे हैं, "एक ऐसी सतह बनाना जो तेल या शैम्पू को भी फिसला दे, बहुत मुश्किल है, यह पहला मौका है जब कोई बेहद सस्ते और सामान्य ढंग से प्लास्टिक के साथ ऐसा करके दिखा रहा है."

शैम्पू और तेल जैसे गाढ़े द्रव कम पृष्ठ तनाव के कारण सतह से चिपक जाते हैं. पानी या पारे जैसे उच्च पृष्ठ तनाव वाली चीजों का व्यवहार तेल से अलग होता है. उनके अणु आपस में एकजुट रहना चाहते है, लिहाजा देर सबेर पानी और पारा बूंद में बदल जाता है. वहीं शहद, तेल या शैम्पू जैसे द्रव ठोस सतह के संपर्क में आने पर लसलसे ढंग से चिपक जाते हैं.

ओहायो यूनिवर्सिटी के इंजीनियरों ने सिलिका (रेत का मुख्य तत्व) का इस्तेमाल कर बेहद कम पृष्ठ तनाव वाली, यानि बेहद चिकनी सतह बनाई है. ऐसी सतह बनाने के लिए प्लास्टिक पर विशेष कोटिंग भी की गई.

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