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विज्ञान

जापान के योशीनोरी ओहसुमी को चिकित्सा का नोबेल

जापान के योशीनोरी ओहसुमी को इस साल चिकित्सा क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है. ये पुरस्कार उन्हें कोशिकीय तत्वों के टूटने और दोबारा बनने की प्रणाली खोजने के लिए दिया जा रहा है.

स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट में नोबेल असेंबली के दौरान घोषणा की गई, "ओहसुमी की खोजों से इस बारे में हमारी समझ को नए आयाम मिले कि कोशिश अपनी सामग्री को रिसाइकल कैसे करती है." पुरस्कार के तहत उन्हें 9.33 लाख डॉलर की राशि दी जाएगी. नोबेल समिति के बयान में कहा गया है, "उन्होंने बहुत सी शारीरिक प्रक्रियाओं को समझने के लिए रास्ता दिखाया."

ओहसुनी का जन्म 1945 में जापान के फुकुओका में हुआ था. अभी वो टोक्यो इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में प्रोफेसर हैं. वो चिकित्सा के क्षेत्र में अब तक 107वें नोबेल विजेता हैं. पिछले साल तीन वैज्ञानिकों को साझा तौर पर चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार दिया गया है. उन्हें मलेरिया और गर्म इलाकों में पाई जाने वाली बीमारियों का इलाज खोजने के लिए ये पुरस्कार दिया गया था.

नोबल पुस्कारों की घोषणा में चिकित्सा का नोबल पहला पुरस्कार होता है. आने चार दिनों में रसायन, भौतिकी शास्त्र के अलावा साहित्य और शांति के क्षेत्र के अहम योगदान देने वालों के लिए पुरस्कारों की घोषणा होगी. सबसे आखिर में सोमवार को अर्थशास्त्र के नोबेल का एलान होगा.

दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार देने का सिलसिला 1901 में शुरू हुआ था. ये पुरस्कार डायनामाइट के आविष्कार और कारोबारी अल्फ्रेड नोबल की वसीयत और उनके नाम पर दिए जाते हैं.

रिपोर्ट: एके/वीके (एएफपी, रॉयटर्स)

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