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दुनिया

जापान की पहली महिला बैंक प्रमुख

जापान के सबसे बड़े ब्रोकरेज नोमूरा होल्डिंग्स ने अपनी बैंकिंग शाखा के प्रमुख के रूप में एक महिला का चुनाव किया है. 48 वर्षीया ची शिंपो देश के पुरुष बहुल बैंकिंग सेक्टर में पहली महिला प्रमुख होंगी.

ची शिंपो अगले महीने से नोमूरा ट्रस्ट एंड बैंकिंग के अध्यक्ष का पद संभालेंगी. यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और ज्यादा महिलाओं से नौकरियों में शामिल होने और कंपनियों से महिला कर्मचारियों को बोर्डरूम में लाने की मांग कर रहे हैं.

एक सरकारी सर्वे के अनुसार जापान के तीन प्रमुख बैंकों, मित्सुबिशी यूएफजे, सुमितोमो मित्सुई और मिजूहो फाइनैंशियल में से किसी में कोई महिला अधिकारी उच्च पद पर नहीं है. जापान के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ जापान में 9 सदस्यों वाले बोर्ड पर सिर्फ एक महिला है.

कोई नुकसान नहीं

नोमूरा ने बुधवार को शिंपो की नियुक्ति की घोषणा की. उन्होंने पिछले साल एक ऑनलाइन बिजनेस पत्रिका से कहा था कि दफ्तर में उनका महिला होना कोई भूमिका नहीं निभाता. "जब मैं काम पर होती हूं, तो मैं अपने जेंडर के बारे में नहीं सोचती. मैंने कभी नहीं सोचा है कि महिला होने के कारण पेशेवर रूप से कोई नुकसान हुआ है. यह कहना ज्यादा ठीक होगा कि मैं पुरुष बहुल कार्यस्थान पर घुलमिल गई हूं."

साथ ही उन्होंने जापानी ऑनलाइन पत्रिका से यह भी कहा, "मेरे जूनियर महिला सहकर्मियों के नजरिए से शायद मैं रोल मॉडल नहीं हूं." उन्होंने कहा कि उनकी राय में एक ऐसा कारोबारी माहौल बनाने की जरूरत है जो युवा महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक हो.

शिंपो ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है और जापान के प्रतिष्ठित वसेडा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है. उन्होंने 1989 में नोमूरा में काम करना शुरू किया. शेयर कारोबार और प्रतिभूति विभागों में काम करने के बाद वे कंपनी में 2012 में कार्यकारी अधिकारी बनी.

बच्चों की देखभाल

दूसरे विकसित देशों की तुलना में जापान में उद्यमों और राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अत्यंत कम है. लेकिन प्रधानमंत्री आबे विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के प्रयासों के तहत उद्यमों में कर्मचारी संरचना को बदलना चाहते हैं. सरकारी डाटा के अनुसार ज्यादातर जापानी महिलाएं पहला बच्चा होने के बाद नौकरी छोड़ देती हैं. काम के लंबे घंटों और बच्चों की देखभाल की सुविधा के अभाव के कारण उनका वापस काम पर लौटना अत्यंत मुश्किल होता है.

इस हफ्ते काइको ताशीरो को दाइबा सिक्योरिटिस का डाइरेक्टर बनाया गया है. यह कंपनी के बोर्ड पर किसी महिला की पहला नियुक्ति है. पिछले साल कनाडा की सैरा कासानोवा तब सुर्खियों में आईं थीं जब उन्हें मैकडॉनल्ड की जापान शाखा का प्रमुख नियुक्त किया गया था. इस नियुक्ति के साथ वे विदेशों में जन्मे अधिकारियों में शामिल हो गईं जो जापान की प्रमुख कंपनियों का नेतृत्व कर रही हैं.

एमजे/आईबी (एएफपी)

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