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दुनिया

जापान अमेरिका का संयुक्त युद्धाभ्यास शुरू

कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव के बीच अमेरिका और जापान ने अपना सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है. एक दूसरे की रणनीतिक बारीकियों को समझने की कवायद दक्षिण कोरिया की सीमा से लगती समुद्री इलाके में हो रही है.

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"कीन स्वोर्ड" नाम से शुरू हुए इस युद्धाभ्यास में 60 जंगी बेड़े, 50 लड़ाकू विमान और 44 हजार सैनिक दक्षिणी जापान से लगते समुद्री इलाके में जंग से जूझने की तैयारी कर रहे हैं. आज से शुरू हुआ ये जंगी अभ्यास अगले आठ दिन तक चलेगा. अभ्यास ऐसी हालात में हो रहा है जब एक तरफ दोनों कोरियाई देशों ने एक दूसरे के खिलाफ संगीनें तान रखी है तो दूसरी तरफ चीन और जापान के रिश्तों में कड़वाहट घुली है. दक्षिण पूर्व एशिया के इन दो देशों के बीच समुद्री सीमाओं को लेकर विवाद है.

चीन ने अभी तक दक्षिण कोरिया पर की गई गोलाबारी के लिए उत्तर कोरिया की सार्वजनिक रूप से निंदा नहीं की है बल्कि उसने दोनों देशों की बीच बातचीत की पेशकश जरूर रखी है. चीन ने बातचीत को हथियारों की तुलना में ज्यादा कारगर करार दिया है. उत्तर कोरिया ने पिछले महीने की 23 तारीख को दक्षिण कोरियाई द्वीप पर गोलीबारी की थी जिसमें दो नागरिक और दो सैनिक मारे गए. इस गोलाबारी में कम से कम 30 घर पूरी तरह से तबाह हो गए. 1950-53 के कोरिया युद्ध के बाद पहली बार इस इलाके में गोलाबारी हुई.

इस बीच अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया ने चीन की छह पक्षीय वार्ता की पेशकश ठुकरा दी है जिसमें रूस भी शामिल होगा. इसकी बजाय अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की मौजूदगी में सोमवार को तीन पक्षीय वार्ता हो रही है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जियां यू ने कहा है कि उनका देश इस बैठक पर निगाह जमाए हुए है. यू ने कहा, "कोरियाई देशों में हालात काफी जटिल और संवेदनशील हैं, हम उम्मीद करते हैं कि बैठक में तनाव को दूर करने और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए कोई हल निकाला जाएगा ना कि तनाव और विवाद बढ़ाने पर."

उधर अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि वो चीन और रूस के अधिकारियों से इस बारे में बात कर रही हैं कि कैसे साथ मिलकर तनाव को दूर करने के लिए काम किया जाए. क्लिंटन ने ये भी कहा, "उत्तर कोरिया इस इलाके के लिए एक बड़ा खतरा बना गया है, खासतौर से जापान और दक्षिण कोरिया के लिए और अगर पतन की स्थिति में वह चीन के लिए भी खतरा होगा."

अमेरिकी विदेश मंत्री ने ये चेतावनी भी दी, "किम जोंग इल की कट्टरपंथी सरकार अपने परमाणु कार्यक्रम और दुनिया भर में हथियारों की बिक्री के कारण पूरी दुनिया के लिए एक खतरा है."

संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख यूकीया अमानो ने वियना में उन खबरों पर गहरी चिंता जतातई थी जिनमें उत्तर कोरिया के दो बार परमाणु बमों का परीक्षण करने की बात कही गई. साथ ही ये भी कि उत्तर कोरिया ने एक आधुनिक यूरेनियम संवर्धन प्लांट बना लिया है. पिछले महीने कोरियाई न्यूक्लियर प्लांट का दौरा करने वाले अमेरिकी वैज्ञानिक ने भी कहा था कि हालांकि ये शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बनाया गया है लेकिन यहां पर बम बनाने लायक यूरेनियम का संवर्धन किया जा सकता है.

रिपोर्टः एजेंसियां/एन रंजन

संपादनः महेश झा

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