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दुनिया

जाधव मामले में पाकिस्तान को भारत की चेतावनी

भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुये कहा है कि अगर पाकिस्तान सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी को जासूसी के आरोप में मौत की सजा देता है तो इससे द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर असर पड़ सकता है.

भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में कहा कि पाकिस्तान के साथ भारत इस मामले को उच्च स्तर तक ले जायेगा ताकि कुलभूषण जाधव के साथ न्याय किया जा सके. जाधव को पाकिस्तान में पिछले साल गिरफ्तार किया गया था. वहां की सैन्य अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई है. पाकिस्तान ने जाधव पर जासूसी का आरोप लगाया है.

स्वराज ने जाधव के ट्रायल को एक तमाशा बताते हुये कहा कि पाकिस्तान ने पिछले एक साल में 13 बार भारत की ओर से काउंसलर सेवा देने के अनुरोध को ठुकराया है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार और आम जनता यह देख रही है कि कैसे एक निर्दोष भारतीय नागरिक को पाकिस्तान में मौत की सजा सुनाई गई है, और इस पूरी प्रक्रिया में कानून, न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी सिद्धातों का उल्लंघन किया जा रहा है.

स्वराज ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुये कहा कि अगर इस मसले को आगे बढ़ाया गया तो दोनों के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर असर पड़ेगा. विपक्षी दल कांग्रेस समेत अन्य दलों ने सरकार से जाधव के मामले में पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने के लिये कहा है ताकि जाधव को सकुशल वापस भारत लाया जा सके.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को बताया कि जाधव ईरान में कारोबार करता था लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पिछले साल उसे अगवा किया और उस पर जासूस होने का आरोप लगा दिया. पाकिस्तान सेना ने पिछले साल जाधव को गिरफ्तार करने के बाद एक वीडियो भी जारी किया था जिसे उसका कबूलनामा कहा जा रहा था. हालांकि ऐसे भी कयास लगाये गये हैं कि जाधव ने किसी दबाव में आकर यह कबूलनामा दिया हो.

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी अपने बयान में बताया था कि जाधव का पिछले साल ईरान में अपहरण हुआ था और उसे मृत्युदंड दिए जाने को भारत सरकार एक पूर्व नियोजित हत्या करार देगी.

आजादी के बाद से ही भारत-पाक रिश्ते कभी मधुर नहीं रहे. दोनों देशों के बीच पिछले साल जनवरी से कोई उच्च स्तरीय वार्ता भी नहीं हुई है. पिछले साल भारतीय वायु सेना के पठानकोट बेस पर हमले में सात भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद से अब तक दोनों देशों के बीच वार्ता नहीं हुई है. भारत का आरोप है कि फोन इंटरसेप्टशन से पता चलता है कि पठानकोट हमलावर पाकिस्तान से आये थे, लेकिन इस्लामाबाद इन आरोपों को खारिज करता आया है.

एए/आरपी (एपी)

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