′जागीर′ हैं महिलाएं | मनोरंजन | DW | 05.01.2013
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मनोरंजन

'जागीर' हैं महिलाएं

दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार के बाद भारतीय समाज महिलाओं के प्रति अपने नजरिये को टटोल रहा है. गानों के बोल पर तीखी बहस छिड़ चुकी है. विज्ञापन गुरु प्रह्लाद कक्कड़ भी मान रहे हैं कि हद पार हो रही है.

भारतीय रैप गायक हनी सिंह विवादों में है. उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. लखनऊ में उन पर अश्लीलता का मुकदमा भी दर्ज हो चुका है. हनी सिंह के गानों के बोल पता चलने के बाद यह बहस हो रही है कि क्या कला की स्वतंत्रता के नाम पर कुछ भी गाया जा सकता है.

विज्ञापन जगत की मशहूर हस्ती प्रह्लाद कक्कड़ कहते हैं कि समाज को महिलाओं के प्रति नजरिया बदलना होगा. डॉयचे वेले से बातचीत में प्रह्लाद कक्कड़ ने कहा, "सोचने वाली बात यह है कि ये कहानी सिर्फ हनी सिंह की ही है या इसकी जड़ें समाज में गहराई तक फैली हुई हैं. समय आ गया है की भारतीय संगीत जगत खुद अपनी जिम्मेदारी समझे और समय रहते संभल जाए."

प्रहलाद कक्कड़ के अनुसार टीवी पर हम जो कुछ भी देखते हैं उसका सीधा असर हम पर होता है, यह एक तय बात है. ऐसे में संगीतकारों और गीतकारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना बहुत जरूरी है. सिर्फ गाने को बेचने के लिए आप कुछ भी नहीं लिख सकते हैं.

प्रहलाद कक्कड़ ने फिल्मों में हावी हो रही आइटम नंबर की प्रथा पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा, "गाने मनोरंजन के लिए होते हैं, यह बात सही है लेकिन इन गानों में महिलाओं को कुछ इस तरह दिखाया जाता है जैसे कि उन्हें कोई भी, कभी भी खरीद सकता है. इससे भारत जैसे पुरुष प्रधान समाज में एक गलत मानसिकता पनपती जा रही है जिसमें लोग महिलाओं को अपनी जागीर समझने लगे हैं."

Protest Banner Schild Stoppt Gewalt an Frauen Indien

दिल्ली में प्रदर्शन करते युवा

सेंसरशिप में और देर नहीं

प्रह्लाद कक्कड़ चाहते हैं कि सेंसरशिप के जैसे नियम फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों के लिए हैं वैसे ही गानों के लिए भी होने चाहिए. ऐड गुरू के मुताबिक, "अब बात हद से बाहर जा रही है. कलाकार रचनात्मकता की आड़ में कुछ भी लिख कर गाना बेचना चाहते हैं."

भारत का विज्ञापन जगत खुद को बदल रहा है. प्रह्लाद कहते हैं, "हाल में विज्ञापनों में हावी हो रही अश्लीलता को ध्यान में रखते हुए विज्ञापन जगत की आधिकारिक संस्था सीसीआई ने तय किया की वह इस पर नियंत्रण रखेगी. इस तरह की सेंसरशिप में सरकार कोई हाथ नहीं है लेकिन यह विज्ञापन जगत की खुद की जिम्मेदारी है जो उसने समय रहते समझ ली. ऐसा ही कुछ संगीत की दुनिया में भी होना बहुत जरूरी है. यह सिर्फ आज की बात नहीं है. समाज से आ रहा दबाव आगे बढ़ने वाला ही है. ऐसे में मजबूर होकर अगर सरकार ने कोई कदम उठाया तो वह सख्त होगा. समय रहते इंडस्ट्री को खुद अपने लिए नियम बना लेने चाहिए और अपनी नैतिक जिम्मेदारी को साथ लेकर चलना शुरू कर देना चाहिए."

क्या कहते हैं हनी सिंह

गानों पर हंगामा होने के बाद हनी सिंह ने एक पब्लिक नोटिस जारी किया है. उनके वकील ने नोटिस पढ़ते हुए कहा "हनी ये साफ करना चाहते हैं कि जिन गानों की बात हो रही है उससे उनका कोई लेना देना नहीं है. मेरे मुवक्किल ने लिखित में सभी डिजिटल प्लैटफॉर्म से गाने और वीडियो हटाने के लिए कहा है." नोटिस में ये भी साफ किया गया है कि हनी सिंह निजता के उल्लंघन के मामले में कानूनी कार्यवाही करेंगे और मानहानि का दावा भी पेश करेंगे.

इसके बाद हनी सिंह ने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा, "मुझ पर दोष डालने से पहले सरकार को दोषी ठहराइये जिन्होंने बलात्कारी के खिलाफ कोई कड़े कदम नहीं उठाए, मुझे इस्तेमाल करना बंद कीजिए.”

2013 के दो दिन पहले हनी सिंह ने अपना नया गाना पेश किया और यूट्यूब पर एक हफ्ते में उसे लगभग 17 लाख से अधिक हिट्स मिले हैं. प्रह्लाद कक्कड़ कहते हैं, "समाज का बड़ा हिस्सा हनी के गानों को पसंद करता है और उससे बड़ा तबका उसका विरोध भी करता है. उनका विरोध उचित भी है. इसलिए सिर्फ इन्टरनेट पर मिल रहे हिट या कॉन्सर्ट में शामिल हो रहे लोगों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि लोगों की उनके गानों के बारे में क्या राय है."

रिपोर्ट: समरा फातिमा

संपादन: ओंकार सिंह जनौटी

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