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दुनिया

जहां कुत्ते कर रहे थे वेश्यालय निगरानी

दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना में पुलिस ने पिछले हफ्ते एक ऐसे वेश्यालय में छापा मारा जिसकी निगरानी कुत्ते कर रहे थे. मेडक जिले के इस वेश्यालय में पुलिस ने छापा मार कर 35 लोगों को गिरफ्तार किया था

 इस दौरान पुलिस ने यहां फंसी करीब 30 महिलाओं और लड़कियों को बचाया. यहां से निकाली गई कई लड़कियों की उम्र 13 साल से भी कम है. पुलिस इस सेक्स रैकेट के भांडाफोड़ को बड़ी सफलता मान रही है.

तेलंगाना आपराधिक जांच विभाग की अधिकारी सौम्या मिश्रा ने बताया कि इन वेश्यालयों की रखवाली और सुरक्षा के लिये डॉबरमैन और ग्रेट डैंस जैसे बड़े कुत्तों को लगाया गया था इसलिये यहां जाना बड़ा मुश्किल था. उन्होंने बताया कि इन वेश्यालयों ने आसपास के इलाके की निगरानी के लिये बाइकसवार लड़कों को भी रखा हु्आ था और पुलिस से जुड़ी जानकारी देने के लिये इन बाइकसवारों को इनाम भी मिलता था इसलिये पुलिस को यहां छापा मारने में दो महीने से भी अधिक समय लग गया.

एक गैर सरकारी संस्था के आंकड़ों के मुताबिक देश में करीब 2 करोड़ से भी अधिक यौनकर्मी हैं और इनमें से तकरीबन 1.6 करोड़ तस्करी की शिकार बनी महिलाएं और लड़कियां हैं.

मिश्रा ने बताया कि तेलंगाना में साल 2015-2016 के दौरान सेक्स ट्रैफिकिंग के करीब 500 मामले दर्ज किये गये थे और करीब 600 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

पुलिस ने बताया कि जापथी शिवनूर गांव के 35 घरों में ये गैरकानूनी वेश्यालय चलाये जा रहे थे. तस्करी की शिकार इन महिलाओं को रोजाना 10 ग्राहकों को संतुष्ट करने के लिये मजबूर किया जाता था. पुलिस के मुताबिक सेक्स कारोबारी करने वाले एक ग्राहक से हर 10 मिनट का 500 रुपये वसूलते थे लेकिन इन पीड़िताओं को कोई पैसा नहीं दिया जाता था.

मिश्रा ने बताया कि छापेमारी में चावल के बोरों में छुपाये गये कंडोम के पैकेट और 4 लाख रुपये की नगदी बरामद की गई है. उन्होंने बताया कि अगर हमने इस वेश्यालय में छापा नहीं मारा होता तो बुखार में तड़प रही एक लड़की की तो अब तक मौत ही हो जाती.

एए/एके (रॉयटर्स)

 

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