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दुनिया

जस्टिस शाह करेंगे काले धन की जांच

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय ने विदेशों में जमा काले धन मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का पुनर्गठन किया है. इसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश एमबी शाह करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अरिजीत पसायत इसके उपाध्यक्ष होंगे. एसआईटी में विभिन्न जांच एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया जाएगा. 2009 में दायर एक याचिका में सुप्रीम कोर्ट से भारत सरकार को विदेशी बैंकों में काला धन जमा कराने वालों के नाम बताने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था. सरकार की दलील है कि खाताधारकों के नाम हटाने से उन देशों के साथ भारत के आर्थिक हित प्रभावित होंगे, जिन्होंने ये नाम दिए हैं.

अदालत ने जाने माने वकील राम जेठमलानी एवं अन्य लोगों की याचिकाओं पर दिशा निर्देश जारी करते हुए जस्टिस शाह को एसआईटी के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी. जस्टिस एचएल दत्तू, रंजना प्रकाश देसाई और मदन भीमराव लोकुर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह लिष्टेनश्टाइन बैंक के उन भारतीय खाताधारकों के नाम एवं अन्य दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में तीन दिन के भीतर याचिकाकर्ताओं को सौंपे, जिनसे जुड़ी जांच पूरी हो चुकी है.

अदालत की झिड़की के बाद केंद्र सरकार ने पिछले 29 अप्रैल को इन खाताधारकों के नाम एवं संबंधित दस्तावेज दो लिफाफों में न्यायालय को सौंप दिए थे. पहले लिफाफे में उन 18 खाताधारकों के नाम हैं जिनके खिलाफ आयकर विभाग की जांच पूरी हो चुकी है. इनमें से 17 के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, जबकि एक खाताधारक की मृत्यु हो चुकी है.

Indien Wahlen 2014 10.04.2014 Neu Delhi Arvind Kejriwal

भ्रष्टाचार और काला धन बने अहम मुद्दे

तीन सप्ताह का समय

केंद्र सरकार ने आठ अन्य खाताधारकों के नाम दूसरे सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपे. इन 26 खाताधारकों के नाम जर्मन सरकार ने 2009 में ही भारत सरकार को सौंप दिए थे. भारतीय अधिकारी इन नामों को बताने से यह कहकर इंकार कर रहे थे कि जर्मनी के साथ दोहरे टैक्स समझौते के तहत वे नाम बताने के अधिकारी नहीं हैं.

अदालत ने केंद्र सरकार की आपत्तियों को ठुकरा दिया और एसआईटी के गठन के संबंध में तीन सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "केंद्र सरकार जल्द से जल्द अधिसूचना जारी करे. लेकिन यह अवधि तीन सप्ताह से अधिक नहीं होगी." खंडपीठ ने एसआईटी को जल्द जांच पूरी करने का निर्देश दिया. उसे समय समय पर स्थिति रिपोर्ट देने को भी कहा गया है. इस मामले में पहली स्थिति रिपोर्ट 20 अगस्त को पेश करने को कहा गया है. उसी दिन यह विशेष पीठ फिर बैठेगी.

चार जुलाई 2011 को अदालत ने काले धन से संबंधित मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश बीपी जीवन रेड्डी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था. इस फैसले को सरकार ने चुनौती दी थी. दो सदस्यों वाली खंडपीठ ने 23 सितंबर 2011 को खंडित फैसला दिया जिसके बाद इस मसले को वृहत्तर पीठ में भेजने का फैसला लिया गया था.

एमजे/आईबी (वार्ता)

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