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विज्ञान

जल्द मिलेंगी अंतरिक्ष की अभूतपूर्व तस्वीरें

ब्रह्मांड को टटोलने के लिए सबसे बड़ी मशीनी आंख बनाई जा रही है. इससे मिलने वाली तस्वीरें नासा की हब्बल दूरबीन ने 15 गुना ज्यादा क्लीयर होंगी.

यूरोपियन एक्ट्रीम्ली लार्ज टेलिस्कोप बनाने की शुरुआती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. 40 करोड़ यूरो का प्रोजेक्ट यूरोपियन सदर्न ऑब्जरवेट्री को मिला है. यूरोपियन एक्ट्रीम्ली लार्ज टेलिस्कोप (ई-ईएलटी), इंसानी इतिहास की सबसे बड़ी दूरबीन होगी. इसे उत्तरी चिली में 3,000 मीटर ऊंची सेरो अर्माजोनेस पहाड़ी पर स्थापित किया जायेगा.

ई-ईएलटी दूरबीन के मुख्य दर्पण का व्यास 40 मीटर होगा. यूरोपियन सदर्न ऑब्जेरवेट्री के महानिदेशक टिम डे जेओ के मुताबिक, "ई-ईएलटी ऐसी खोजें करेगी जिनकी आज हम कल्पना भी नहीं कर सकते. यह दुनिया भर के लोगों को विज्ञान, तकनीक, ब्रह्मांड में हमारी स्थिति की ओर आकर्षित करेगी."

धरती पर मौजूद सभी दूरबीनों को मिला भी दिया जाए तो भी ई-ईएलटी उनसे बड़ी होगी. यह एडेप्टिव ऑप्टिकल सिस्टम से लैस होगी. इसकी तस्वीरें मौजूदा दौर की सबसे आधुनिक हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन से 15 गुना ज्यादा स्पष्ट होंगी. दूरबीन एक वेधशाला में रखी जाएगी. वेधशाला 80 मीटर ऊंची होगी और उसके गुंबद व्यास में 85 मीटर होगा. आकार में यह एक फुटबॉल मैदान जितनी बड़ी होगी. इंजीनियरों का अनुमान है कि पूरे ढांचे का भार करीब 5,000 टन होगा. सिर्फ दूरबीन का भार ही 3,000 टन होगा.

यूरोपियन सदर्न ऑब्जरवेट्री को उम्मीद है कि दुनिया की सबसे बड़ी दूरबीन पर काम 2017 में शुरू हो जाएगा. 2024 तक ये तैयार हो जाएगी. यूरोपियन सदर्न ऑब्जरवेट्री, खगोलशास्त्र से जुड़ी एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है. इसमें जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, चिली और ब्राजील समेत 16 देश शामिल हैं.

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