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विज्ञान

जल्द घाव भरेगी इलेक्ट्रिक बैंडेज

इंसान का खून चांद या अंतरिक्ष पर अलग व्यवहार करता है. ऐसा गुरुत्वबल में आए बदलाव के कारण होता है. इसी से सीख लेकर नासा ने इलेक्ट्रिक बैंडेज बनाई है.

अंतरिक्ष अभियानों में या दूसरे ग्रहों पर चोट लग जाए तो घाव बहुत ही देर में ठीक होता है. अतंरिक्ष यात्रियों के लिए यह देरी घातक साबित हो सकती है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक जिन जगहों पर गुरुत्वबल धरती के जैसा नहीं होता, वहां इंसान के खून का व्यवहार काफी बदल जाता है. यही कारण है कि अंतरिक्षा अभियानों के दौरान लगने वाली चोट देर में ठीक होती है.

इस मुश्किल से पार पाने की कोशिश में नासा ने एक नया मैटीरियल विकसित किया है, जो बिजली का इस्तेमाल कर घावों को ठीक करता है. मैटीरियल बहुत ही कम मात्रा में बिजली पैदा करता है. यह बिजली, संपर्क में आने वाली सतह तक पहुंचती है, फिर भले ही वह इंसानी त्वचा ही क्यों न हो.

पॉलीविनीलिडीन फ्लोरॉयड पीवीडीएफ नाम का यह मैटीरियल चोट के आस पास ऊतकों को बड़ी तेजी से ठीक करता है. नासा रिसर्च सेंटर की सीनियर मैटीरियल साइंटिस्ट एमिली सियोची के मुताबिक अगर चोट वाली जगह पर पीवीडीएफ फाइबर को सही से लगाया जाए तो कोशिकाएं इसे बाड़ की तरह इस्तेमाल करने लगती हैं. पीवीडीएफ की परत चोट को इंफेक्शन से भी बचाती है.

असल में चोटिल जगह के आस पास मौजूद उतकों और कोशिकाओं में जब हल्का करंट बहता है तो उन्हें सहारा मिलता है. इससे चोट जल्द ठीक होती है. नासा के मुताबिक, इस मैटीरियल की "खोज बहुत आसान और सस्ती है." भविष्य में पीवीडीएफ फाइबर से किसी की आकार और मोटाई वाली बैंडेज, कवर या चटाई बनाई जा सकेगी.

पीवीडीएफ का इस्तेमाल सेना भी कर सकेगी और सर्जरी की तैयारी कर रहे मरीज या हादसों में घायल होने वाले लोगों को भी इससे मदद मिलेगी.

(इन जगहों पर हैं सबसे दुश्वार हालात)

ओएसजे/एमजे (पीटीआई)

 

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