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मनोरंजन

जलोटा की फिल्म के हीरो

भजन गायक अनूप जलोटा व्यस्त संगीत कार्यक्रम के बावजूद फिल्म भी बना रहे हैं. बतौर निर्माता उनकी कोशिश नई प्रतिभाओं को मौका देने की है, जिसके तहत उन्होंने 'बॉयज तो बॉयज हैं' में नए चेहरों पर भरोसा किया. पेश है उनसे बातचीत:

डॉयचे वेलेः आप कई मोर्चों पर सक्रिय हैं. गायकी के अलावा एक्टिंग और फिल्म निर्माण में भी व्यस्त हैं. कैसे तालमेल बिठाते हैं?

अनूप जलोटाः इसमें कोई मुश्किल नहीं है. जिस काम या प्रोजेक्ट में रुचि होती है वहां तालमेल अपने आप हो जाता है, कुछ करने की जरूरत नहीं होती. मेरी प्रोडक्शन कंपनी है, मेरे साथ अच्छे लोग हैं.

डॉयचे वेलेः फिल्म 'बॉयज तो बॉयज हैं' में आपने नए चेहरों पर भरोसा किया. स्थापित कलाकारों से परहेज क्यों?

अनूप जलोटाः परहेज नहीं है. बस मन में एक इच्छा है कि नए लोगों प्रतिभाओं को मौका मिलना चाहिए. इन्हीं नए चेहरों में से कुछ आगे चलकर स्थापित कलाकार बन जाएंगे. मैंने रोनित रॉय को मौका दिया था और आज उनका नाम है.

डॉयचे वेलेः फिल्म के बारे में कुछ बताएं?

अनूप जलोटाः फिल्म युवाओं पर केंद्रित है. .यह एक रोमांटिक थ्रिलर फिल्म है जिसमें कॉमेडी भी है.

डॉयचे वेलेः क्या इसके जरिए आपने कुछ संदेश देने की कोशिश की है?

अनूप जलोटाः यह फिल्म युवाओं का मार्गदर्शन करेगी. सफलता के लिए योग्यता और समुचित प्रयास के महत्व को हमने कहानी के माध्यम से समझाया है. लेकिन जैसा मैंने कहा, फिल्म में छिपा सन्देश बड़े ही मनोरंजक तरीके से दर्शकों तक पहुंचेगा. सफल होने के लिए योग्य होना बहुत जरूरी है और योग्य बनने के लिए मेहनत करना. सफलता का यही मूल मंत्र है.

डॉयचे वेलेः फरहान अख्तर की 'भाग मिल्खा भाग' और आपकी 'बॉयज तो बॉयज हैं' का साथ साथ रिलीज होना, क्या फिल्म को नुकसान पहुंचा सकता है?

अनूप जलोटाः नहीं, बिलकुल नहीं.

डॉयचे वेलेः सितारों से सजी और बड़े बजट की फिल्म से टक्कर को लेकर कभी कोई चिंता हुई?

अनूप जलोटाः हमें अपनी फिल्म पर भरोसा है. फिल्म की कहानी बहुत अच्छी है. युवा दिलों को प्रभावित करेगी. कलाकार नए जरूर हैं पर उन्होंने उम्दा काम किया है. लोगों की जो प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे भी हमारा विश्वास बढ़ा है. और वैसे भी किसी दूसरी फिल्म के चलते अपनी फिल्म की रिलीज को रोकना ठीक नहीं.

डॉयचे वेलेः आपने कुछ फिल्मों में अभिनय किया है. गायक और संगीतकार तो आप हैं ही. इस फिल्म में आप नजर नहीं आए, ऐसा क्यों?

अनूप जलोटाः इसलिए कि इस फिल्म में मेरी जरूरत नहीं थी. जब तक फिल्म की कहानी से मै स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस नहीं करता, अभिनय नहीं करता. फिल्म में मेरे लायक कोई भूमिका होती तो उसे करने में कोई परहेज नहीं था.

डॉयचे वेलेः इसके बाद और किन फिल्मों पर काम चल रहा है?

अनूप जलोटाः दो फिल्में लगभग बनकर तैयार हैं. फिल्म 'हम बाजा बजा देंगे' करीब दो महीने में सिनेमाघरों में लग जाएगी. चंद्रा बरोट के निर्देशन में बनी यह फिल्म युवाओं पर केंद्रित है. इसके अलावा फिल्म 'मकसद' भी बनकर तैयार है. इसमें मिथुन चक्रवर्ती और ओम पुरी भी नज़र आएंगे.

डॉयचे वेलेः क्या इन फिल्मों में भी आपने नए चेहरों को मौका दिया है?

अनूप जलोटाः हां, जहां तक संभव हो मेरी कोशिश रहती है कि युवा प्रतिभाओं को सामने लाऊं. देश में प्रतिभाएं है उन्हें एक मंच मिलना चाहिए.

इंटरव्यूः विश्वरत्न श्रीवास्तव

संपादनः ए जमाल

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