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विज्ञान

जलवायु परिवर्तन से प्रभावित खेती

कोलंबिया के उत्तरी इलाकों में एक दशक पहले तक खेती बहुत सरल और फायदे का काम था. चावल किसान साल में दो तीन फसल उगा सकते थे. लेकिन जलवायु परिवर्तन ने उनके सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.

कोलंबिया के 46 वर्षीय किसान ऑस्कर पेरेज कहते हैं, "मौसम पूरी तरह से गड़बड़ा चुका है. हम अनिश्चितता के बीच कई सवालों से घिरे रहते हैं. क्या करें, क्या उगाएं, कौन सी दिशा में जाएं." 10 साल से भी कम समय में जलवायु ने बड़ी करवट ली है. इलाके का न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है, औसत नमी 85 फीसदी तक पहुंच गई है और बारिश वक्त पर नहीं होती. जलवायु परिवर्तन से किसानों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

पिछले पांच साल में कोलंबिया में चावल की पैदावार छह टन प्रति हेक्टेयर से घट कर पांच टन रह गई है. चावल उगाने वालों के केंद्रीय संगठन 'फेडेरोज' के मुताबिक इसके लिए मौसम की अनियमितता जिम्मेदार है. फेडेरोज के करीब 12000 सदस्य हैं.

समय की कमी

कोलंबिया में फसल का घटना देश के सामने बड़ी समस्या है. यहां 4,50,000 हेक्टेयर में चावल की खेती होती है. 200 से ज्यादा गांवों में खेती ही कमाई का प्रमुख जरिया है. फसल में कमी बहुत नाजुक समय पर हुई है. अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत पांच साल में चावल पर लगने वाला शुल्क खत्म कर दिया जाएगा. फिर हो सकता है कि अमेरिका में पैदा किया जाने वाला सस्ता चावल कोलंबिया में फैल जाए.

अमेरिका में चावल की खेती पर आने वाली लागत कोलंबिया के मुकाबले आधी है. फेडेरोज की तकनीकी निदेशक पैट्रीशिया गुजमन कहती हैं, "हमारे पास समय की बहुत कमी है और जलवायु परिवर्तन इसे और मुश्किल बना रहा है."

दो साल पहले अंतरराष्ट्रीय कृषि शोध पर काम करने वाले सलाहकार समूह के स्थानीय कार्यालय ने कोलंबिया में कृषि से जुड़े आंकड़े जमा करने शुरू किए. उनके इस प्रोजेक्ट का नाम है 'बिग डाटा'. प्रोजेक्ट में शामिल फ्रांसीसी रिसर्चर सिल्वियान डेलेर्से के मुताबिक, "किसानों को पारंपरिक तरीके बदलने में एतराज हो सकता है. खास कर तब, जब शहर से आया कोई व्यक्ति उन्हें बताए कि खेती किसानी कैसे करनी होगी. लेकिन जलवायु परिवर्तन से वे नुकसान उठा रहे हैं और वे बुरी हालत में हैं."

साल में एक फसल

किसानों को सलाह दी गई है कि वे साल में एक ही फसल उगाएं ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे. दूसरी अहम सलाह यह कि साल के पहले छह महीनों में बुआई न की जाए, यह वह समय है जब उच्च तापमान के कारण कीटाणु फसल पर हमला कर उसे नष्ट कर सकते हैं. सलाह को मानते हुए मोंटेरिया के 55 वर्षीय किसान रोजारियो गानेम ने चावल की बजाए शुरुआती छह महीनों में मक्के की खेती की. उन्होंने कहा, "कई किसानों के लिए यह स्वीकार करना अपने आप में बड़ी बात है कि वे साल में सिर्फ एक ही बार फसल उगाएं." फेडेरोज के क्रिस्टो पेरेज किसानों को संगठन की रिसर्च फील्ड में लाकर दिखाते हैं और बताते हैं, "यह नुकसान देख रहे हो. अगर बहुत जल्दी फसल बोना शुरू कर दोगे तो फसल से हाथ धो बैठोगे."

एसएफ/एजेए (एएफपी)

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