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मनोरंजन

जर्मन सुपरस्टार की फ़िल्मी कहानी

भारत में इंडियन आइडल की खोज पांचवीं बार शुरू हो रही है तो जर्मनी ने सातवीं बार अपना सुपरस्टार ढूंढ लिया है. डॉयचलैंड ज़ूख्ट डेन सुपरस्टार (डीएसडीएस) नाम से मशहूर यह शो इस बार जीता ईरानी मूल के मेहरजा़द माराशी ने.

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छा गए मेहरजा़द माराशी

ईरानी मूल के 29 वर्षीय मेहरजा़द बिल्कुल फिल्मी अंदाज में सुपरस्टार बने. दरअसल उम्मीद जताई जा रही थी कि फ़ाइनल में पहुंचे मेहरजा़द के प्रतिद्वंदी मेनोविन फ्रौएह्लिश यह शो जीत लेंगे. ऐसा इसलिए, क्योंकि मेनोविन जजों के पसंदीदा तो थे ही, साथ ही शो के दौरान स्टूडियो में बैठे लोग भी हमेशा उन्हीं के गानों पर ज्यादा झूमते दिखते थे. लेकिन फ़ाइनल में आ गया कहानी में ट्विस्ट. एसएमएस के ज़रिए मेहरजा़द को करीब साठ प्रतिशत वोट मिले और वह बन गए जर्मनी के सुपरस्टार.

इस ट्विस्ट के पीछे भी एक कहानी है. वैसी ही जैसी बॉलीवुड फिल्मों में होती है. वही सदाबहार हीरो और हीरोइन की लव स्टोरी. जगह कोई भी हो और कोई भी दौर हो, यह फ़ॉर्मूला तो ही हिट है. दरअसल सेमीफाइनल के दौरान मेहरजाद ने अपनी गर्लफ्रेंड को अपना साथ प्रपोज किया. मेहरजाद और उनकी गर्लफ्रेंड डेनिस का एक पांच महीने का बेटा भी है. क्या चल रहा था मेहरजाद के मन में जब वह स्टेज से उतर कर डेनिस को अंगूठी पहनाने गए. मेहरजाद बताते हैं, "मैं जब डीएसडीएस में आया, तभी मैंने सोच लिया था कि अगर मैं सेमीफाइनल तक पहुंचा तो उसे प्रपोज कर दूंगा क्योंकि तब मैं इस हालत में रहूंगा कि मैं

Mehrzad Marashi

चल गया जादू

अपने परिवार का अच्छी तरह पालन पोषण कर सकूं और धूम धाम से शादी कर सकूं. मैं उसे हैरान कर देना चाहता था. इसलिए मैंने अंगूठी खरीदी और किसी को बताया भी नहीं और बस करोड़ों लोगों के सामने उसे प्रपोज कर दिया."

मेहरजाद ने यह भी बताया कि प्रोग्राम के प्रोड्यूसरों ने तो उनसे कहा था कि लाइटों और स्पेशल इफेक्ट्स के साथ प्रपोज़ करें. लेकिन वह कोई तमाशा नहीं बनना चाहते थे, बस अपने प्यार का इज़हार करना चाहते थे. तो अगर आपको अब तक यह लगता था कि रिएल्टी शोज़ में ड्रामे सिर्फ भारत में ही होते हैं तो अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि यह तो पूरी दुनिया की कहानी है. वैसे भी जब तक थोडा़ मसाला नहीं पड़ेगा तब तक शो में चटपटापन कैसे आएगा. इस मसाले का ही असर है कि डीएसडीएस रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाता चला जा रहा है.

बीते शनिवार की शाम जर्मनी में करीब एक करोड़ लोगों ने टीवी पर इस शो को देखा. यह जर्मन टेलीविज़न की अब तक के दूसरी सबसे बड़ी टीआरपी रही है. इससे ज़्यादा रेटिंग सिर्फ डीएसडीएस के पहले सीज़न में देखी गई थी. खैर ड्रामा सिर्फ सेमीफ़ाइनल तक ही सीमित नहीं रहा. फ़ाइनल में भी मेहरजाद के साथ कुछ न कुछ लगा ही रहा. मेहरजाद कहते हैं, "गाना गाते गाते मेरा ईयरफोन खराब हो

Deutschland sucht den Superstar Finale Staffel 6 2010

चूक गए मेनोविन

गया और मैं खुद को सुन नहीं पा रहा था, ना ही म्यूजिक सुन पा रहा था. पहले ही मैं पिछले दो हफ़्तों से बीमार चल रहा था. मैं बहुत कन्फ्यूज और नर्वस था. किसी तरह गाना ख़त्म कर बस यही सोच रहा था कि भगवान इतनी आगे तक ला कर मेरा सपना मत तोडना. और भगवान ने मेरी बात सुन ली."

कभी लिओनेल रिची तो कभी माइकल जैक्सन के गाने गा कर मेहरजाद ने लोगों का दिल जीता. उनके मैनेजर फ़ोल्कर नोएम्युलर कहते हैं, "मेहरजाद डीएसडीएस अब तक का बेहतरीन गायक है. हमें ऐसे ही गायकों की तलाश है. अगर मुझे यह बताना हो कि वह खुद में क्या सुधार सकता है तो मैं कहूंगा, उसे यह बात समझनी होगी कि वह कितना अच्छा गायक है. वह पचास हज़ार लोगों को पीछे छोड़ कर यहां तक पहुंचा है. जब वह इस बात को समझ लेगा तो और भी बेहतर हो जाएगा."

रिपोर्टः ईशा भाटिया

संपादनः ए कुमार

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