1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

जर्मन विदेश मंत्री को इस्राएल की झिड़की

इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने औचक तरीके से जर्मन विदेश मंत्री के साथ होने वाली अपनी वार्ता रद्द कर दी. जर्मन मंत्री जिगमार गाब्रिएल के इस्राएली मानवाधिकार समूहों से मिलने से वह नाराज थे.

इस्राएल के लिए जर्मनी एक बेहद करीबी और अहम सहयोगियों में से है. फिर भी जब जर्मन विदेश मंत्री गाब्रिएल ने इस्राएली सरकार के आलोचक समझे जाने वाले मानवाधिकार समूह के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, तो यह बात प्रधानमंत्री नेतन्याहू को नागवार गुजरी. अंतिम समय में दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता के रद्द होने की सूचना मिली. दोनों देशों के बीच कई साल पुरानी मित्रता के कारण ही इस बार इस्राएल ने अपने सालाना होलोकॉस्ट स्मरण दिवस के मौके पर गाब्रिएल को निमंत्रित किया था. 

पीएम नेतन्याहू के कार्यालय ने वार्ता के ठीक पहले सूचना दी कि वे उन विदेशी गणमान्य लोगों से नहीं मिल सकते जो "आईडीएफ सैनिकों को युद्ध अपराधी बताने वाले" समूह से मिलते हों. उनका इशारा ब्रेकिंग द साइलेंस नाम के समूह की ओर था, जो पश्चिमी तट में इस्राएली सैन्य कार्रवाई के आलोचक हैं. जर्मन मंत्री जिग्मार गाब्रिएल ने अचानक नेतन्याहू की ओर से वार्ता रद्द करने पर हैरानी जतायी क्योंकि अपनी इस्राएल यात्रा पर इस संगठन के लोगों से मिलना उनके पहले से तय कार्यक्रम का हिस्सा था. गाब्रिएल जनवरी 2016 से जर्मन विदेश मंत्री हैं, और 2013 से तब तक जर्मनी के उप चांसलर रह चुके हैं. विदेश मंत्री के रूप में यह उनकी पहली इस्राएल यात्रा थी.

इस्राएल और जर्मनी के द्विपक्षीय संबंध काफी लंबे, करीबी और जटिल कहे जा सकते हैं. नाजी जर्मनी में हिटलर के राज में हुए होलोकॉस्ट में 60 लाख यहूदियों के मारे जाने के बाद सन 1948 में इस्राएल की स्थापना हुई. दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक संबंध काफी समय बाद सन 1965 में जाकर स्थापित हुए. आज इस्राएल के लिए जर्मनी यूरोप में उनका बेहद अहम व्यापारिक साझेदार है. और जर्मनी होलोकॉस्ट के समय यहूदियों के साथ हुए अपराधों की जिम्मेदारी लेता है.

सोमवार को होलोकॉस्ट मेमोरियल समारोह में नेतन्याहू, गाब्रिएल और पूर्व जर्मन राष्ट्रपति योआखिम गाउक ने साथ में हिस्सा लिया था. लेकिन समय समय पर फलीस्तीन के लेकर इस्राएल की नीतियों और वेस्ट बैंक में इस्राएली बस्तियां स्थापित करने के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा होता रहता है. जर्मनी समेत अंतरराष्ट्रीय समुदाय के ज्यादातर देश मानते हैं कि वहां इस्राएली बस्तियों का निर्माण अवैध है.

आरपी/ओएसजे (एपी)

DW.COM

संबंधित सामग्री