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दुनिया

जर्मन कंसुलेट पर हमला, छह की मौत

अफगानिस्तान के शहर मजार ए शरीफ में जर्मन वाणिज्य दूतावास पर गुरुवार को हुए हमले में छह अफगान लोग मारे गए हैं जबकि 120 से ज्यादा घायल हुए हैं. हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है.

गुरुवार की रात एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी गाड़ी जर्मन वाणिज्य दूतावास के सामने उड़ा दी. शहर के सबसे बड़े अस्पताल के प्रमुख नूर मोहम्मद फैज ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक कुल पांच शवों को अस्पताल में लाया गया है. वहीं पुलिस का कहना है कि एक हमलावर हमले के दौरान मारा गया.

बर्लिन में जर्मन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि वाणिज्य दूतावास में काम करने वाले उनके सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं. प्रवक्ता के मुताबिक अफगान सुरक्षा बलों और जर्मन विशेष बलों ने हमलावरों के इरादों को नाकाम कर दिया. नाटो के एक प्रवक्ता ने कहा है कि धमाके से वाणिज्य दूतावास की इमारत को बहुत नुकसान हुआ है और वहां लगभग तीस लोग काम करते हैं.

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चरमपंथी संगठन तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि यह उत्तरी कुंदूज में किए गए हवाई हमलों में आम लोगों की मौत का बदला है. नवंबर में अफगान सेना की मदद के तहत अमेरिका ने कुंदूज में हवाई हमले किए थे, जिनमें कई बच्चों समेत 30 आम लोग मारे गए और 19 अन्य जख्मी हो गए.

तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा, "हम जर्मनों के निशाना क्यों न बनाएं? जर्मन सैनिकों की तरफ से दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर ही अमेरिका ने हवाई हमले किए. उनका उत्तरी अफगानिस्तान में अब भी कैंप है. वहां अब भी जर्मन सैनिक हैं."

दूसरी तरफ बाल्ख प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता ने कहा है कि गुरुवार का धमाका इतना शक्तिशाली था कि उससे आसपास की इमारतों की खिड़कियां टूट गईं. इससे कई लोगों को चोटें आई हैं.

प्रांतीय पुलिस प्रमुख सैयद कमाल सादत का कहना है कि गाड़ी में विस्फोटक कोयले के नीचे छिपाकर रखे गए थे. जर्मन वाणिज्य दूतावास से लगभग 10 किलोमीटर की दूर पर स्थित कैंप मारमाल में लगभग एक हजार जर्मन सैनिक हैं.

एके/वीके (डीपीए, एएफपी)

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