1. Inhalt
  2. Navigation
  3. Weitere Inhalte
  4. Metanavigation
  5. Suche
  6. Choose from 30 Languages

दुनिया

जर्मनी में 200 जगहों पर पुलिस के छापे

जर्मनी के 10 राज्यों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापे मारे हैं. चरमपंथ का प्रचार करने और इस्लामिक स्टेट के प्रति सहानुभूति रखने वाले लोगों को दबोचने के लिए यह कार्रवाई की गई.

मंगलवार तड़के जर्मनी में पुलिस ने 200 से ज्यादा जगहों पर छापे मारे. जर्मन मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने इस्लामिक स्टेट और सलाफी संगठन पर नकेल कसने के लिए छापे मारे हैं. जर्मन न्यूज एजेंसी डीपीए के मुताबिक देश के 10 राज्यों में 200 से ज्यादा घरों की तलाशी ली गई. सबसे ज्यादा छापे हेसे राज्य में पड़े. वहां पुलिस ने करीब 65 जगहों पर छापे मारे. पश्चिम यूरोप की वित्तीय राजधानी कहे जाने वाले जर्मन शहर फ्रैंकफर्ट में 15 जगहों पर छापे पड़े.

जर्मनी के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने भी छापों की पुष्टि की है. मंत्रालय के मुताबिक मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छापों के बारे में ज्यादा जानकारी दी जाएगी.

जर्मनी की घरेलू खुफिया एजेंसी को आशंका है कि देश में इस्लामिक स्टेट के प्रति सहानुभूति रखने वाले कई लोग हैं. कुछ महीने पहले जर्मन शहर लाइपजिग से इस्लामिक स्टेट के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार भी किया गया. अभियोजन पक्ष के मुताबिक संदिग्ध धमाके करने की फिराक में था. इसी साल गर्मियों में बवेरिया प्रांत में भी इस्लामिक स्टेट से प्रभावित एक संदिग्ध आतंकी ने ट्रेन में लोगों पर कुल्हाड़ी से हमला किया. अफगान मूल का वह किशोर पुलिस की कार्रवाई में मारा गया.

जर्मनी में इस्लाम की कट्टरपंथी शाखा सलाफी भी बहुत सक्रिय है. खुद के धार्मिक तरीकों को "सच्चा धर्म" करार देने वाले सलाफी रुढ़ीवादी तरीके से कुरान का अनुवाद कर बीते सालों में जर्मन शहरों में कुरान बांट चुके हैं. किताब के बाहर सिर्फ यही लिखा गया था कि, "इसे पढ़ें." तब भी उनकी काफी आलोचना हुई. सलाफिज्म इस्लाम की किताबों की बेहद कड़े ढंग से व्याख्या करता है. सलाफी शरिया कानून लागू करने की वकालत करते हैं.

हफ्ते पर पहले जर्मन अधिकारियों ने देश के शीर्ष सलाफी विचारकों के खिलाफ अभियान छेड़ा. जांच के दायरे में 32 साल का अबु वाला भी है. नफरत भरे भाषण देने वाला अबु वाला सन 2000 से जर्मनी में रह रहा है. इराकी मूल के वाला पर जर्मनी में इस्लामिक स्टेट की गतिविधियों में मदद करने का आरोप है.

ओएसजे/आरपी (डीपीए)

 

DW.COM

संबंधित सामग्री