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दुनिया

जर्मनी में हड़ताल, सैकड़ों उड़ानें रद्द

जर्मनी में ट्रेड यूनियन की हड़ताल का असर पूरे देश के परिवहन पर पड़ता दिख रहा है. फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख समेत कई हवाईअड्डे हड़ताल से प्रभावित हुए हैं.

लुफ्थांसा ने अपनी एक तिहाई उड़ानें रद्द कर दी हैं. इनमें लगभग सभी अंतरराज्यीय उड़ानें शामिल हैं और यूरोप के देशों में जाने वाली उड़ानें भी. हालांकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा है. इतिहाद, ब्रिटिश एयरवेज और एयर बर्लिन समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानों का समय बदला और लोगों को केवल हैंडलगेज के साथ यात्रा करने की सलाह दी. कई उड़ानों को फ्रैंकफर्ट की जगह ड्यूसेलडॉर्फ शिफ्ट करना पड़ा. फ्रैंकफर्ट से हर दिन 1,200 से 1,400 विमान उड़ान भरते हैं जिनमें से करीब 550 को रद्द कर दिया गया है.

फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर अधिकतर कर्मचारी प्राइवेट कंपनियों के लिए काम करते हैं लेकिन 6,000 सरकारी कर्मचारी भी हैं. ट्रेड यूनियन वैर्डी का कहना है कि इनमें से 1,500 हड़ताल पर हैं. लुफ्थांसा के एक प्रवक्ता ने बताया कि शाम तक काम सामान्य रूप से शुरू होने की उम्मीद है लेकिन दिन भर चली हड़ताल के कारण कंपनी को लाखों यूरो का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

Verdi Streik 27. März

पूरे देश में हड़ताल

सरकार बढ़ाए वेतन

ट्रेड यूनियन की मांग है कि सरकार वेतन में साढ़े तीन फीसदी की बढ़ोतरी करे. इसके अलावा हर महीने अतिरिक्त सौ यूरो की भी मांग की जा रही है. यदि ट्रेड यूनियन की मांगें पूरी होती हैं तो लोगों का वेतन कुल मिला कर साढ़े छह फीसदी बढ़ सकेगा. वहीं सरकार का कहना है कि वह इजाफे के लिए तैयार है पर यूनियन बहुत ज्यादा मांग कर रही है.

पिछले महीने भी ट्रेड यूनियन ने स्ट्राइक की थी लेकिन उस दौरान यात्रियों को ठीक से सूचित नहीं किया गया था. इस कारण हवाई अड्डों पर लंबी कतारें देखी गयी और एयरपोर्ट स्टाफ को लोगों के गुस्से का सामना भी करना पड़ा. हजारों लोग घंटों तक टर्मिनल में फंसे रहे. उस दौरान यात्रियों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा, उसे ध्यान में रखते हुए इस बार लुफ्थांसा ने फैसला लिया कि गुरूवार को स्थानीय समय दोपहर दो बजे तक की उड़ानों को रद्द कर दिया जाएगा. जर्मनी के अधिकतर हवाई अड्डे आज सुबह से ही खाली पड़े हैं.

हवाई अड्डों के अलावा सार्वजनिक परिवहन पर भी हड़ताल का असर पड़ा है. बर्लिन, हैम्बर्ग, बॉन और हनोवर समेत कई शहरों में बसें और ट्राम नहीं चल रहीं. लोगों को स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने के लिए अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. इस कारण कई शहरों में लंबे जाम भी लगे हुए हैं. हालांकि रेल सेवा काम कर रही है. जर्मन रेल 'डॉयचे बान' ने हड़ताल के दौरान अतिरिक्त स्टाफ को काम पर बुलाया है.

आईबी/एएम (डीपीए, रॉयटर्स)