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दुनिया

जर्मनी में हड़तालों का रिकॉर्ड

जर्मनी इस साल अभूतपूर्व औद्योगिक हड़तालों का सामना कर रहा है. जर्मन रेल में पिछले दिनों लंबी हड़ताल चली है और इस समय किंडरगार्टनों के टीचर हड़ताल पर हैं. श्रमिक विवाद यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ सकता है.

आधा साल भी नहीं बीता है लेकिन जर्मन कामगार इस साल पिछले साल के मुकाबले दोगुना हड़ताल कर चुके हैं. एक कंजरवेटिव थिंकटैंक के रिसर्चर का कहना है कि इसके साथ यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में हड़तालों के मामले में नया रिकॉर्ड बनने जा रहा है. जर्मनी में आम तौर पर नियोक्ताओं और ट्रेड यूनियन के बीच अच्छे रिश्ते रहे हैं और वे विवादों का निबटारा मुख्य रूप से बातचीत के जरिये करते रहे हैं.

नियोक्ताओं के करीब समझे जाने वाले थिंक टैंक जर्मन अर्थनीति संस्थान के हागेन लेश ने कहा है कि इस साल जनवरी से मध्य मई तक 3,50,000 दिन की हड़ताल हुई है जबकि 2014 में कामगारों की हड़ताल के कारण काम के लिहाज से 1,50,000 दिन खोए थे. लेश ने कहा, "2015 हड़तालों के लिहाज से रिकॉर्ड वर्ष होगा, इससे पहले 2006 था." इस साल लुफ्थांसा के पायलटों, ट्रेन ड्राइवरों, पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों और किंडरगार्टन तथा नर्सरी के टीचरों के अलावा धातु और इलेक्ट्रॉनिक उद्यमों के कामगारों ने हड़ताल की है.

पिछले रविवार तक जर्मनी के रेल ड्राइवरों की यूनियन की अब तक की सबसे लंबी 138 घंटों की हड़ताल बिना किसी समझौते के पूरी हुई. पिछले दस महीनों में रेल ड्राइवरों की यह 8वीं हड़ताल थी. वे 5 फीसदी वेतन वृद्धि के अलावा यूनियन के लिए ज्यादा अधिकारों की मांग कर रहे हैं. हालांकि हड़तालों की वजह से अभी तक किसी उद्योग के बंद होने या अपना काम रोकने की नौबत नहीं आई है लेकिन विशेषज्ञ हड़ताल के कारण राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान का आकलन करते रहे हैं. बायर्न एलबी बैंक के एक रिसर्चर ने हड़ताल से जर्मन रेल को 75 करोड़ यूरो का नुकसान होने की बात कही है.

रेल के विपरीत जर्मन पोस्ट में चल रही हड़ताल के दौरान हड़ताली कामगारों को अधिकारियों द्वारा धमकाने के आरोप सामने आए हैं. मध्य तबके के कुछ अदिकारियों द्वारा हड़ताली कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट नहीं बढ़ाने की धमकी दिए जाने के आरोपों को सुनने के बाद अर्थनीति मंत्री जिगमार गाब्रिएल ने डॉयचे पोस्ट के प्रमुख फ्रांक आपेल से श्रमिक मानकों का पालन करने की मांग की है. गाब्रिएल ने डॉयचे पोस्ट से निजी और सामूहिक श्रमिक अधिकारों के बेशर्त आदर की मांग की. कंपनी में जर्मन सरकार का 21 प्रतिशत शेयर है.

इस हफ्ते पोस्टल कर्मचारियों ने अपना हड़ताल जारी रखने का फैसला किया. पिछले हफ्ते किंडरगार्टन के टीचरों ने हड़ताल शुरू की जबकि बर्लिन के निकट एक सिक्योरिटी कंपनी के कर्मचारियों ने एटीएम में नोट भरने से मना कर दिया. इसके बाद स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को एटीएम से धन निकालने में मुश्किल हो रही है. लुफ्थांसा में पायलटों की हड़ताल में उम्मीद की किरण दिखाई दी है. पायलटों की यूनियन ने 12 राउंड की हड़ताल के बाद कंपनी से समझौता करने का फैसला किया है और नियोक्ताओं की सुलह की पेशकश स्वीकार कर ली है.

पायलट यूनियन ने कहा है कि वह कम से कम जुलाई तक अपने सदस्यों को हड़ताल करने के लिए नहीं कहेगी. नियोक्ताओं की पेशकश के बाद अब जिम्मेदारी है नियोक्ता प्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक ऐसा मध्यस्थ चुनने की जो दोनों पक्षों को स्वीकार हो.

एमजे/आईबी (डीपीए, एएफपी)

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