जर्मनी में भूजल को नाइट्रेट से खतरा | विज्ञान | DW | 03.01.2017
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विज्ञान

जर्मनी में भूजल को नाइट्रेट से खतरा

जर्मनी में कई जगहों पर भूजल में भारी मात्रा में नाइट्रेट पाया गया है. सरकार ने अपनी रिपोर्ट में इसके लिए किसानों को जिम्मेदार ठहराया है.

यूरोपीय संघ को भेजी गई रिपोर्ट में जर्मन सरकार ने कहा है कि देश में 28 प्रतिशत माप केंद्रों पर खाद में इस्तेमाल होने वाले नाइट्रेट की मात्रा सीमा से बहुत ज्यादा पाई गई है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है. सरकारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले सालों में पानी में नाइट्रेट की मात्रा में कोई महत्वपूर्ण बेहतरी नहीं हुई है.

जांच में यह भी पाया गया है कि पानी में फॉसफोरस की मात्रा भी काफी ज्यादा है जो जमीन से होकर आखिरकार उत्तर और पूर्वी सागर में पहुंच जाता है. इसकी वजह से समुद्र में काई के विकास को मदद मिलती है. समुद्र और नदियों के किनारे स्थित 65 प्रतिशत माप केंद्रों पर फॉसफोरस अत्यंत अधिक मात्रा में पाया गया.

देखिए पानी पर तैराया बांध

जर्मनी के पर्यावरण मंत्रालय का कहना है कि इस समस्या के लिए कृषि उद्योग जिम्मेदार है जो तरल या कृत्रिम खाद के रूप में नाइट्रेट और फॉसफोरस को खेतों में पहुंचाता है. जर्मन पर्यावरण मंत्री बारबरा हेंडरिक्स ने रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा है, "यह हमारे सामूहिक हित में होगा यदि हम इसके खिलाफ और ज्यादा सक्रिय हों." यह खेतों में खाद डालने के नियमों को सख्त बनाकर ही किया जा सकता है.

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि 2016 में खाद का नया कानून बनाया गया है लेकिन वह अभी तक प्रभावी नहीं हुआ है. हेंडरिक्स का कहना है कि कृषि उत्पादन में तेजी लाना हमें महंगा पड़ रहा है क्योंकि खाद का अत्यधिक इस्तेमाल प्रजाति विविधता को खतरे में डाल रहा है. हालांकि अभी तक पीने के पानी पर इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है लेकिन भविष्य में पीने के पानी की सप्लाई पर खर्च का बोझ बढ़ सकता है.

देखिए बूंद बूंद को तरसते

नवंबर में यूरोपीय संघ के आयोग ने नाइट्रेट पर ईयू के नियमों की अवहेलना करने के कारण मुकदमा दायर किया था. जनवरी में जर्मन सरकार को आरोपों का जवाब देना है. जर्मनी का दोष साबित होने की स्थिति में उसे भारी जुर्माना देना होगा. नाइट्रेट पौधों को बढ़ने में मदद करता है, इसलिए उसका इस्तेमाल अक्सर खाद के रूप में किया जाता है.

लेकिन अत्यधिक नाइट्रेट के इस्तेमाल से वह जमीन के अंदर पानी में और नदियों और नालों में चला जाता है और वहां जैव विविधता को नुकसान पहुंचाता है. यूरोपीय संघ के अनुसार एक लीटर पानी में 50 मिलीग्राम नाइट्रेट की मात्रा इंसान के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाल सकती है. खासकर गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए वह बहुत नुकसानदेह है.

एमजे/एके (एएफपी)

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